अनूप मिश्रा, बहराइच. जनपद में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की भारी किल्लत के बीच अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है. अधिवक्ताओं का आरोप है कि ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की स्थिति का फायदा उठाकर पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी मालिक कालाबाजारी कर रहे हैं. अधिवक्ता संघ के प्रतिनिधि ने बताया कि जिले के लगभग 4,000 अधिवक्ताओं में से 70 प्रतिशत शहर के बाहर से आते हैं, जिन्हें ईंधन न मिलने के कारण न्यायिक कार्यों में बाधा आ रही है.

अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि अधिवक्ताओं, पत्रकारों और डॉक्टरों जैसी आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए ईंधन की विशेष व्यवस्था की जाए. साथ ही नेपाल सीमा से सटे होने के कारण ईंधन की तस्करी रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की अपील की है. अपनी मांगों को लेकर अधिवक्ताओं ने आज हड़ताल का भी आह्वान किया है.

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बता दें कि बहराइच में डीजल और पेट्रोल की भारी किल्लत के चलते पान और परचून दुकानदार मनमाने दामों पर बिक्री कर खुलेआम मुनाफाखोरी कर रहे हैं. इस गंभीर समस्या से आम जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है, वहीं स्थानीय प्रशासन की अनदेखी से हालात और बिगड़ते नजर आ रहे हैं.

200 रुपये प्रति लीटर तक बिक रहा पेट्रोल

कस्बे, चौराहों और सड़कों के किनारे करीब एक सैकड़ा दुकानों पर डीजल 150 प्रति लीटर और पेट्रोल 200 प्रति लीटर तक बेचा जा रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि यह खुलेआम लूट है, जिससे ग्राहक परेशान हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल आपूर्ति प्रभावित होने के कारण पेट्रोल पंपों पर पहले ही मारामारी की स्थिति बनी हुई है, जिसका फायदा उठाकर कालाबाजारी बढ़ गई है. बताया जा रहा है कि कुछ लोग पेट्रोल पंपों पर कई-कई बार लाइन में लगकर मोटरसाइकिल और जरीकेनों में तेल भरवाकर सैकड़ों लीटर का स्टॉक जमा कर लेते हैं. बाद में यही तेल ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है. विरोध करने पर ग्राहकों से अभद्रता तक की जाती है और तेल देने से मना कर दिया जाता है.