शिक्षकों और बुनियादी सुविधाओं की कमी पर नेशनल होम्योपैथी काउंसिल सख्त, 30 दिन में सुधार नहीं हुआ तो बढ़ सकती हैं मुश्किलें

गोड्डा। झारखंड के एकमात्र राजकीय होमियोपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, गोड्डा में नए शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। नेशनल होम्योपैथी काउंसिल ऑफ इंडिया (NCH) ने कॉलेज में शिक्षकों की कमी और आधारभूत सुविधाओं के अभाव को गंभीर मानते हुए यह फैसला लिया है। इससे नए छात्रों के दाखिले पर संकट खड़ा हो गया है, वहीं कॉलेज के भविष्य को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

दाखिले पर रोक के विरोध में कॉलेज के छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि सरकार जल्द से जल्द शिक्षकों की नियुक्ति और बुनियादी सुविधाओं की कमी दूर करे, ताकि कॉलेज की मान्यता और प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित न हो।

छात्रों से मिलने पहुंचे उपायुक्त

छात्रों के आंदोलन की जानकारी मिलने पर गोड्डा के उपायुक्त लोकेश मिश्रा कॉलेज पहुंचे और छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन मिलकर इस समस्या का समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं।

पिछले साल भी मिली थी चेतावनी

जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष भी केंद्रीय निरीक्षण टीम ने शिक्षकों और संसाधनों की कमी को लेकर नए दाखिले पर रोक लगाने की अनुशंसा की थी। उस समय राज्य सरकार ने जल्द सुधार का आश्वासन दिया था, जिसके बाद प्रवेश की अनुमति मिल गई थी। लेकिन एक वर्ष बाद भी अपेक्षित सुधार नहीं होने पर निरीक्षण टीम ने दोबारा खामियां पाईं और इस बार नए सत्र के प्रवेश पर रोक लगा दी।

30 दिन का अल्टीमेटम

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अशोक पासवान ने बताया कि नेशनल होम्योपैथी काउंसिल ऑफ इंडिया ने 30 दिनों के भीतर कमियों को दूर करने का समय दिया है। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी राज्य सरकार को भेज दी गई है। नया छात्रावास भवन तैयार हो चुका है और जल्द ही उसका हैंडओवर होगा। वहीं शिक्षकों की नियुक्ति के लिए भी सरकार को अनुशंसा भेजी गई है।

भाजपा ने सरकार को घेरा

मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। गोड्डा के पूर्व विधायक और भाजपा नेता अमित मंडल ने राज्य सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण झारखंड का इकलौता राजकीय होमियोपैथिक कॉलेज बंद होने की कगार पर पहुंच गया है और उसकी मान्यता भी खतरे में पड़ सकती है।

देशभर से आते हैं छात्र

वर्ष 2002 में गोड्डा के पारसपानी में स्थापित यह राजकीय होमियोपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल झारखंड का एकमात्र सरकारी होमियोपैथिक कॉलेज है। 18 एकड़ परिसर में फैले इस संस्थान में NEET के माध्यम से प्रवेश होता है और देश के विभिन्न राज्यों से छात्र यहां पढ़ाई के लिए आते हैं।