दीपक कुमार/​बांका। जिले में कानून-व्यवस्था को धता बताते हुए बालू माफियाओं ने एक बार फिर अपना हिंसक चेहरा दिखाया है। जिले के रजौन थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर बालू घाट पर अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई करने पहुंची जिला खनन विभाग की टीम पर बालू तस्करों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना में विभाग के एक जवान के घायल होने और सरकारी वाहन के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है, जिससे प्रशासन के बीच हड़कंप मच गया है।

​क्या है पूरा मामला?

​घटना उस समय घटी जब खनन विभाग की टीम को सूचना मिली कि रामपुर बालू घाट पर बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन और बालू का परिवहन किया जा रहा है। टीम जैसे ही मौके पर पहुंची और छापेमारी शुरू की करीब 10 से 15 की संख्या में आए बाइक सवार बालू तस्करों ने अचानक घेराबंदी कर ली। तस्करों ने न केवल गाली-गलौज की बल्कि टीम पर पथराव भी शुरू कर दिया। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

​घायल जवान और क्षतिग्रस्त वाहन

​इस हिंसक झड़प में खनन विभाग के जवान मनीष कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। हमलावरों ने टीम के सरकारी वाहन को भी निशाना बनाया जिससे गाड़ी के शीशे टूट गए और काफी नुकसान हुआ। हमले की गंभीरता को देखते हुए किसी तरह जान बचाकर टीम के सदस्यों ने घटना की सूचना स्थानीय रजौन पुलिस को दी। घायल जवान को तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां उनका इलाज किया जा रहा है।

​माफियाओं के बढ़ते हौसले और प्रशासनिक चुनौती

​यह घटना स्पष्ट करती है कि बांका में बालू माफियाओं का मनोबल किस कदर बढ़ चुका है। वे अब सरकारी अधिकारियों पर हमला करने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। अवैध बालू के इस संगठित नेटवर्क के कारण न केवल राज्य सरकार को प्रतिवर्ष लाखों के राजस्व का नुकसान हो रहा है बल्कि क्षेत्र के पर्यावरण को भी भारी क्षति पहुंच रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन की लचर व्यवस्था के कारण माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वे खुलेआम कानून को चुनौती दे रहे हैं।

​पुलिस की कार्रवाई और आगे की रणनीति

​घटना के बाद पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर हमलावरों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और दोषियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। जिला प्रशासन ने सख्त लहजे में कहा है कि सरकारी कामकाज में बाधा डालने और कर्मियों पर हमला करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।