पटना। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर पटना का सियासी पारा अपने चरम पर है। नामांकन की प्रक्रिया के साथ ही प्रत्याशियों की कुंडली सार्वजनिक हो गई है, जिससे चुनाव में मुकाबला दिलचस्प होने के संकेत मिल रहे हैं। अब तक तीन उम्मीदवारों ने अपना पर्चा दाखिल किया है जबकि नामांकन की अंतिम तिथि 13 जुलाई तय की गई है।

​प्रत्याशियों की आर्थिक स्थिति

​नामांकन के दौरान दाखिल किए गए हलफनामों ने प्रत्याशियों की आर्थिक स्थिति की स्पष्ट तस्वीर पेश की है। राजद प्रत्याशी रेखा कुमारी और उनके पति ने अपनी कुल चल-अचल संपत्ति 8 करोड़ रुपये से अधिक घोषित की है। हालांकि, उनके परिवार पर 3 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण भी है।
​दूसरी ओर, भाजपा प्रत्याशी अभिषेक कुमार का हलफनामा बिल्कुल अलग स्थिति बयां करता है। उन्होंने जानकारी दी है कि उनके, उनकी पत्नी और आश्रित बच्चों के नाम पर कोई भी अचल संपत्ति जैसे जमीन, मकान या फ्लैट नहीं है। साथ ही उन पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बोरिंग रोड शाखा का 10,02,674 रुपये का कर्ज है। यह आर्थिक अंतर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

प्रशांत किशोर का आक्रामक रुख

​जनसुराज प्रमुख प्रशांत किशोर (PK) ने 11 जुलाई को अपना नामांकन दाखिल करने का निर्णय लिया है। प्रचार को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए पीके ने स्पष्ट किया कि उन्हें तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति विजय के प्रचार की कोई आवश्यकता नहीं है।
​प्रशांत किशोर ने मंत्री अशोक चौधरी पर तीखे प्रहार करते हुए चेतावनी दी कि वे अपने विभाग के कामकाज पर ध्यान केंद्रित करें। पीके ने कटाक्ष किया कि अशोक चौधरी को जनता और विकास के मुद्दों की परवाह नहीं है बल्कि वे सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी में उलझे हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि वे फिर से उनके विरुद्ध मुखर हुए तो अशोक चौधरी का राजनीतिक कद और भी गिर जाएगा।

​नेतृत्व पर सवाल और सियासी हमले

​प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी जोरदार निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी को अपना पद छोड़ देना चाहिए क्योंकि जनता ने उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार नहीं किया है। पीके ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता रोजगार और शिक्षा जैसे वास्तविक मुद्दों से भाग रहे हैं। उन्होंने सलाह दी कि यदि भाजपा को अपना ही मुख्यमंत्री रखना है तो किसी सुशिक्षित व्यक्ति को यह जिम्मेदारी सौंपनी चाहिए। वहीं मंत्री अशोक चौधरी ने पलटवार करते हुए कहा है कि उनकी मुख्य लड़ाई राजद से है और प्रशांत किशोर केवल वोट कटवा की भूमिका निभा रहे हैं।