पटना। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर पटना की राजनीतिक फिजा पूरी तरह गरमा चुकी है। सत्ताधारी एनडीए और विपक्षी जन सुराज ने मतदाताओं को अपने पाले में लाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। एक तरफ जहां भाजपा के दिग्गज नेता चुनावी रणनीति को धार दे रहे हैं, वहीं जन सुराज के उम्मीदवार सीधे जनता के बीच पहुंचकर नया विकल्प तलाश रहे हैं।

​नितिन नवीन का पटना आगमन और चुनावी मंथन

​भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पटना पहुंचकर चुनावी कमान अपने हाथों में ले ली है। पटना एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत हुआ, जिसके बाद उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में बूथ प्रबंधन, मतदाता संपर्क अभियान और चुनाव प्रचार की गति की गहन समीक्षा की गई। पार्टी एनडीए सरकार के विकास कार्यों और उपलब्धियों को घर-घर तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह आक्रामक रुख अपना रही है।

​मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की विशाल सभा

​मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बांकीपुर के मन्दिरी नाला (गोलघर मंडल) क्षेत्र में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस सभा के माध्यम से उन्होंने सरकार की जनहितकारी योजनाओं और नीतियों को जनता के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए एनडीए प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की पुरजोर अपील की, जिस पर उपस्थित जनता ने भी खासा उत्साह दिखाया।

​ऋतुराज सिन्हा का सघन जनसंपर्क अभियान

​भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने पूरे दिन बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में ताबड़तोड़ कार्यक्रम किए। उन्होंने अन्नपूर्णा भवन में सार्वजनिक बैठक, रोटरी भवन में प्रबुद्धजनों के साथ संवाद और गौतम नगर स्थित पल्स पैलेस में महिला संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसके अलावा कच्ची तालाब और मीठापुर में भी प्रबुद्ध वर्ग के साथ बैठकें कर उन्होंने भाजपा के पक्ष में माहौल मजबूत किया।

​बदलाव की शुरुआत के नारे के साथ मैदान में प्रशांत किशोर

​जन सुराज के सूत्रधार और बांकीपुर से उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने पारंपरिक बड़ी रैलियों से अलग हटकर अनूठी रणनीति अपनाई है। वे चाय बैठकों और मोहल्ला बैठकों के जरिए सीधे मतदाताओं से संवाद कर रहे हैं। बदलाव की शुरुआत के नारे के साथ वे वार्ड-वार्ड घूम रहे हैं। उनके चुनाव चिह्न स्कूल का बस्ता को लेकर भी मतदाताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है और पार्टी शिक्षा, रोजगार तथा स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही है।

​बूथ स्तर तक सक्रिय हुए राजनीतिक दल

​चुनाव प्रचार के इस निर्णायक दौर में सभी दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। जहां एनडीए बूथ प्रबंधन और घर-घर संपर्क पर जोर दे रहा है, वहीं जन सुराज प्रत्यक्ष संवाद के जरिए अपनी पैठ बना रहा है। बांकीपुर का यह उपचुनाव सभी प्रमुख दलों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुका है, जिससे आने वाले दिनों में मुकाबला बेहद दिलचस्प होने के पूरे आसार हैं।