कुंदन कुमार/पटना। बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र इन दिनों बिहार की राजनीति का केंद्र बना हुआ है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) की सक्रियता ने यहां के सियासी समीकरणों को पूरी तरह बदल कर रख दिया है। पीके के लगातार हमलों और जनसंपर्क ने सत्ताधारी दल भाजपा में खलबली मचा दी है, जिसके बाद से भाजपा ने अपने गढ़ को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।

​थर-थर कांप रही भाजपा

​बांकीपुर के सिपारा इलाके में पदयात्रा के दौरान प्रशांत किशोर ने भाजपा पर सीधा हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस बांकीपुर में भाजपा के बड़े नेता और विधायक कभी वोट मांगने जाने की जहमत नहीं उठाते थे वहां आज स्थिति उलट है। पीके ने कहा केवल एक आदमी (स्वयं) के बांकीपुर में खड़े हो जाने से पूरी भाजपा ऊपर से नीचे तक थर-थर कांप रही है। उनके अनुसार, भाजपा ने अपने किले को सुरक्षित रखने के लिए हजारों कार्यकर्ताओं को जमीन पर उतार दिया है, जो अपने आप में उनकी घबराहट को दर्शाता है।

​मंत्रियों का डोर-टू-डोर दौरा

​प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि भाजपा की घबराहट का आलम यह है कि जो मंत्री पहले जनता से दूरी बनाकर रखते थे, वे अब सुबह-शाम गली-गली घूमकर वोट मांग रहे हैं। मंत्री स्तर के नेताओं को पदयात्रा करनी पड़ रही है। पीके ने इसे लोकतंत्र की असली ताकत करार दिया। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि भाजपा चाहे कितनी भी बैठकें कर ले या रणनीति बना ले, लेकिन जनता अब उनकी कार्यशैली को समझ चुकी है।

​जनता देगी मुंहतोड़ जवाब

​पीके ने भाजपा पर तीखा प्रहार करते हुए कहा जैसे इन्होंने इतने वर्षों तक जनता को ठगा है, अब ठीक वैसे ही जनता इन्हें ठगेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का विकास का दावा केवल कागजों तक सीमित है और बांकीपुर की जनता अब बदलाव के लिए तैयार है। पीके का यह दावा कि सत्ताधारी दल का अहंकार टूटने वाला है बांकीपुर के चुनावी माहौल को और अधिक गर्मा रहा है। कुल मिलाकर, बांकीपुर का यह उपचुनाव या आने वाला चुनाव एक बड़ी राजनीतिक लड़ाई का संकेत दे रहा है जहां एक तरफ प्रशांत किशोर का जन सुराज है, तो दूसरी तरफ भाजपा अपनी साख बचाने की जद्दोजहद में लगी है।