Bastar News Update : जगदलपुर. दलपत सागर से जलकुंभी हटाने के लिए एक बार फिर बड़ा सफाई अभियान शुरू होने जा रहा है. ऐतिहासिक दलपत सागर की सफाई पर इस बार कुल 50 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे. नगर निगम और एनएमडीसी के बीच हुए समझौते के तहत राशि सीएसआर मद से उपलब्ध कराई जाएगी. अभियान के पहले चरण के लिए 20 लाख रुपए की राशि जारी भी की जा चुकी है. अब मशीनों और संसाधनों के जरिए जलकुंभी हटाने का काम किया जाएगा. लेकिन असली सवाल सिर्फ जलकुंभी हटाने का नहीं, बल्कि उसके दोबारा लौटने का है. दलपत सागर में पहले भी कई बार सफाई अभियान चलाए जा चुके हैं. हर बार लाखों रुपए खर्च होने के बाद कुछ समय में जलकुंभी फिर फैल जाती है. ऐसे में इस बार स्थायी समाधान की व्यवस्था नहीं हुई तो खर्च पर सवाल उठ सकते हैं. शहरवासियों की मांग है कि सफाई के साथ जलकुंभी बढ़ने के कारणों का भी समाधान किया जाए. दलपत सागर शहर की ऐतिहासिक पहचान है, इसलिए इसका संरक्षण केवल सफाई अभियान तक सीमित नहीं रहना चाहिए.
सेंट्रल जेल में महिला बंदियों की सुविधाओं का निरीक्षण
जगदलपुर. केंद्रीय जेल जगदलपुर में महिला बंदियों की समस्याओं और सुविधाओं को लेकर निरीक्षण किया गया. राज्य महिला आयोग की सदस्य दीपिका शोरी ने जेल पहुंचकर महिला बंदियों से सीधे संवाद किया. जेल में निरुद्ध 138 महिला कैदियों से भोजन, स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर जानकारी ली गई. इनमें 88 महिला कैदी नक्सल प्रकरणों से संबंधित बताई गई हैं. बंदियों ने साबुन सहित रोजमर्रा की कुछ जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने की मांग रखी. महिलाओं ने सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प और खाद्य प्रसंस्करण जैसे प्रशिक्षण की जरूरत भी बताई. ब्यूटी प्रशिक्षण जैसे कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने की मांग भी सामने आई. आयोग सदस्य ने व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर जेल प्रशासन से चर्चा की. उनका कहना था कि सुधारगृह का उद्देश्य केवल सजा देना नहीं, बल्कि बंदियों को आत्मनिर्भर बनाना भी है. कौशल प्रशिक्षण मिलने से जेल से बाहर आने के बाद महिलाओं के लिए रोजगार के रास्ते खुल सकते हैं. निरीक्षण में महिलाओं के अधिकारों और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी देने पर भी जोर दिया गया.
सुकमा में 6 नए धान खरीदी केंद्र खुलेंगे
सुकमा. जिले के किसानों के लिए धान बेचने की राह अब पहले से आसान होने की उम्मीद है. जिले में छह नए धान खरीदी केंद्र खोलने का ऐलान किया गया है. बुड़दी, बड़ेशेट्टी, हमीरगढ़, गोरली, भेज्जी और चिंतलनार में नए केंद्र प्रस्तावित हैं. इन केंद्रों से आसपास के कई गांवों के किसानों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है. अब किसानों को धान बेचने के लिए दूर स्थित खरीदी केंद्रों तक लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी. इससे उपज के परिवहन में लगने वाला समय और खर्च दोनों कम हो सकते हैं. किसानों की लंबे समय से मांग थी कि उनके गांवों के आसपास ही खरीदी की सुविधा मिले. इसी समस्या को लेकर विधायक कवासी लखमा ने खाद्य मंत्री के समक्ष मांग रखी थी. अब छह नए केंद्रों की घोषणा के बाद किसानों को खरीदी व्यवस्था सुगम होने की उम्मीद है. दूरस्थ इलाकों में केंद्र खुलने से धान परिवहन की परेशानी भी कम होगी. हालांकि किसानों को वास्तविक राहत केंद्रों के समय पर शुरू होने और सुचारु संचालन के बाद ही मिल सकेगी.
छात्रावासों में अब सुविधाओं की होगी सीधी निगरानी
नारायणपुर. आवासीय विद्यालयों, पोटाकेबिन और छात्रावासों में बच्चों की सुविधाओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. कलेक्टर अमित कुमार ने व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तय समय में सुधार के निर्देश दिए हैं. पोटाकेबिन और आरएमएसए के लिए 15 दिन तथा आश्रम-छात्रावासों के लिए 20 दिन की समय-सीमा तय की गई है. भोजन, पानी और साफ-सफाई की निगरानी अब अधीक्षकों और प्रभारियों को व्यक्तिगत रूप से करनी होगी. हर छात्र का हेल्थ कार्ड तैयार करने का फैसला लिया गया है, जिसमें स्वास्थ्य जांच का रिकॉर्ड रहेगा. पुराने बिस्तरों की जगह साफ-सुथरे नए बेडशीट उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं. मेस में खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए एयरटाइट कंटेनर अनिवार्य किए गए हैं. मच्छरों से बचाव के लिए खिड़कियों और रोशनदानों पर मॉस्किटो नेट लगाने को कहा गया है. हर परिसर में हैंडवॉश एरिया, शौचालयों की नियमित सफाई और ब्लीचिंग का इंतजाम होगा. बच्चों को शुद्ध पानी देने के लिए आरओ फिल्टर, ड्रम और स्टील के गिलास उपलब्ध कराने के निर्देश हैं. डिजिटल शिक्षा के लिए जरूरत वाले केंद्रों में कम से कम पांच नए कंप्यूटर लगाने की तैयारी है.
पढ़ाई के साथ प्रतियोगी तैयारी पर भी जोर
नारायणपुर. जिला मुख्यालय में छात्रों के लिए संचालित कोचिंग, लाइब्रेरी और जिम की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया. सीईओ ठाकुर ने आकस्मिक निरीक्षण कर छात्रों की उपस्थिति और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए नवीन और उपयोगी पुस्तकों की स्थिति देखी गई. लाइब्रेरी में पढ़ाई का बेहतर माहौल और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया. जिम में विद्यार्थियों के लिए जरूरी खेल और व्यायाम सामग्री की जरूरत भी जानी गई. अधिकारियों ने छात्रों और शिक्षकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं. छात्रों की जरूरत के अनुसार मूलभूत सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया. इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर तैयारी का माहौल देना है. कोचिंग के साथ लाइब्रेरी और जिम जैसी सुविधाओं को भी मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है. प्रशासन की कोशिश है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विद्यार्थियों को बाहर जाने की मजबूरी कम हो. अब इन व्यवस्थाओं में सुधार और सुविधाओं की उपलब्धता की वास्तविक तस्वीर आगामी निरीक्षण में सामने आएगी.
प्रशिक्षण शिविर के बाद बूथ स्तर पर कांग्रेस की सक्रियता
जगदलपुर. बस्तर संभाग में कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का समापन हो गया. शिविर में संगठन के साथ राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि अब संगठन की गतिविधियों को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाएगा. प्रशिक्षण के बाद ब्लॉक अध्यक्षों को गांव-गांव पहुंचकर कार्यकर्ताओं और आम लोगों से संवाद का जिम्मा दिया गया है. कांग्रेस नेतृत्व ने बस्तर को राजनीतिक बदलाव की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया है. सरकार की नीतियों और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाने की रणनीति बनाई गई है. इसी क्रम में 4 सितंबर को चीनी सत्याग्रह का ऐलान भी किया गया है. कांग्रेस का कहना है कि इस दौरान एक दिन का उपवास रखकर सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी. प्रशिक्षण शिविर के जरिए कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक गतिविधियों और जनसरोकार के मुद्दों पर तैयार किया गया. अब इसकी अगली परीक्षा गांव और बूथ स्तर पर संगठन की सक्रियता के रूप में होगी. बस्तर में संगठन को मजबूत करने के साथ जनता के मुद्दों को राजनीतिक अभियान का आधार बनाने की तैयारी है.
केंद्रीय विश्वविद्यालय की मांग फिर चर्चा में
जगदलपुर. बस्तर में उच्च शिक्षा के विस्तार की जरूरत के बीच केंद्रीय विश्वविद्यालय की मांग एक बार फिर चर्चा में है. क्षेत्र में उच्च शिक्षण संस्थान मौजूद होने के बावजूद केंद्रीय विश्वविद्यालय की कमी महसूस की जा रही है. बस्तर के दूरस्थ इलाकों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है. इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर पढ़ाई के साथ आवास और आने-जाने का अतिरिक्त बोझ पड़ता है. केंद्रीय विश्वविद्यालय बनने से स्थानीय विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा के नए अवसर मिल सकते हैं. सबसे बड़ा फायदा बस्तर में शोध के क्षेत्र को मिलने की उम्मीद है. जनजातीय संस्कृति, लोकभाषा, जैव विविधता और पारंपरिक ज्ञान पर शोध की व्यापक संभावनाएं हैं. वन आधारित अर्थव्यवस्था और स्थानीय कृषि पद्धतियां भी शोध के महत्वपूर्ण विषय बन सकती हैं. शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मांग भी उठती रही है. राज्य स्तर से प्रस्ताव भेजे जाने की बात सामने आने के बावजूद आगे की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है. ऐसे में बस्तर के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय की मांग अब भी ठोस पहल का इंतजार कर रही है.

जन्माष्टमी पर बन रहा दुर्लभ संयोग
जगदलपुर. इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धार्मिक आस्था के साथ ज्योतिषीय दृष्टि से भी खास माना जा रहा है. देशभर में 4 सितंबर शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा. मान्यता है कि इस बार जन्माष्टमी की मध्यरात्रि में कई महत्वपूर्ण ज्योतिषीय संयोग एक साथ बनेंगे. अष्टमी तिथि के साथ रोहिणी नक्षत्र और वृष राशि में चंद्रमा की स्थिति रहेगी. इसके साथ ही हर्षण योग का संयोग भी पर्व को विशेष बना रहा है. रोहिणी नक्षत्र के साथ शुक्रवार होने से जयंती योग बनने की बात कही जा रही है. ज्योतिषाचार्य इसे भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य काल से जुड़े प्रमुख संयोगों में मानते हैं. कहा जा रहा है कि कई वर्षों बाद अष्टमी और रोहिणी का ऐसा संयोग एक साथ बन रहा है. इस बार गृहस्थ और संन्यासी दोनों एक ही दिन जन्माष्टमी का व्रत और पूजन करेंगे. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस योग में व्रत और मध्यरात्रि पूजन का विशेष महत्व है. जन्माष्टमी को लेकर मंदिरों और कृष्ण भक्तों में भी तैयारियां तेज होने लगी हैं.
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