Bastar News Update, जगदलपुर। भारतीय जनता पार्टी ने बस्तर संभाग में संगठनात्मक बदलाव किया है। बस्तर, बीजापुर और कोंटा विधानसभा में प्रभारी की नियुक्त की गई है। पूर्व सांसद दिनेश कश्यप को बीजापुर विधानसभा और श्रीनिवास राव मद्दी को बस्तर विधानसभा का प्रभारी बनाया गया है। वहीं श्रीनिवास मिश्रा को सहप्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है और रूपसिंह मंडावी को कोंटा विधानसभा का प्रभारी नियुक्त किया गया है।

खुले में ईंधन बिक्री पर होगी कार्रवाई

दंतेवाड़ा। पश्चिम एशिया में उपजे मौजूदा संकट और उससे उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने बड़ा फैसला लिया है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग (मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर, अटल नगर) द्वारा जारी निर्देशों के तहत राज्य में पेट्रोल और डीजल की खुले में बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

कलेक्टर खाद्य शाखा दंतेवाड़ा द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य शासन ने ईंधन की आपूर्ति और वितरण को सुचारू बनाए रखने के लिए नए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

जारी निर्देशों के मुताबिक, सार्वजनिक क्षेत्र (PSU) की तेल कंपनियों और अन्य समानांतर कंपनियों के पेट्रोल-डीजल रिटेल आउटलेट (पेट्रोल पंप) संचालकों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि:

पेट्रोल और डीजल का विक्रय सीधे केवल उपभोक्ता के वाहन की टंकी में ही किया जाएगा। कोई भी रिटेल आउटलेट संचालक किसी भी व्यक्ति को ड्रम, केन (Jerrycan) या बोतल जैसे खुले बर्तनों में पेट्रोल-डीजल नहीं बेचेगा। यदि कोई संचालक इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

चूंकि वर्तमान में रबी सीजन की फसल कटाई का काम चल रहा है और आगामी खरीफ सीजन की तैयारियां भी शुरू होने वाली हैं, ऐसे में आम जनता और विकास कार्यों को प्रभावित होने से बचाने के लिए शासन ने कुछ महत्वपूर्ण मामलों में छूट का प्रावधान भी किया है।

इन क्षेत्रों को मिलेगी नियमों से राहत:

कृषक (किसान): खेती-किसानी और ट्रैक्टर/थ्रेशर आदि के लिए किसानों की मांग को ध्यान में रखते हुए।
शासकीय एवं निर्माण कार्य: जिला कलेक्टर द्वारा चिन्हांकित रेलवे, सड़क निर्माण और भवन निर्माण जैसे समय-सीमा में पूरे होने वाले सरकारी कार्य।
अत्यावश्यक सेवाएं: अस्पताल, मोबाइल टावर संचालन और अन्य जरूरी इमरजेंसी सेवाएं।

कैसे मिलेगी खुले में ईंधन लेने की अनुमति?

विज्ञप्ति के अनुसार, शासकीय कार्यों और अत्यावश्यक सेवाओं के लिए खुले में (ड्रम या केन में) डीजल-पेट्रोल की आवश्यकता होने पर सीधे ईंधन नहीं मिलेगा। इसके लिए संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) यानी SDM द्वारा मांग का उचित परीक्षण किया जाएगा। एसडीएम की रिपोर्ट और सुरक्षा मानकों की पुष्टि के बाद ही कलेक्टर द्वारा चिन्हांकित कार्यों हेतु रिटेल आउटलेट से निर्धारित मात्रा में ईंधन विक्रय की विशेष अनुमति दी जा सकेगी।

अंतर्राज्यीय गांजा तस्कर का भंडाफोड़

सुकमा: छत्तीसगढ़ की सुकमा पुलिस ने अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 10 किलो से अधिक साढ़े पांच लाख का गांजा जब्त किया है। मामले में तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जबकि एक आरोपी की तलाश जारी है।

बता दें कि पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित शाह एवं अभिषेक वर्मा तथा एसडीओपी परमेश्वर तिलकवार के मार्गदर्शन में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

पुलिस ने 6 जून को मुखबिर से मिली सूचना पर एनएच-30 पर दो संदिग्ध को पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 5,49,150 रुपए का 10.983 किलोग्राम अवैध गांजा और 1 मोबाइल सहित कुल 5,56,620 मूल्य की संपत्ति बरामद की गई। गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ करने पर यह तथ्य सामने आया कि वे गांजा की खेप को रायपुर ले जाकर विक्रय करते थे। पूछताछ के दौरान गांजा की सप्लाई करवाने एवं इसके विक्रय व गांजा की व्यवस्था करने वाले अन्य आरोपियों के संबंध में भी जानकारी मिली।

बीमारियों से बचाएगा कोदो, कुटकी और मड़िया

दंतेवाड़ा। रागी (मडिया) कोदो कुटकी जैसे मोटे अनाज अपने पोषक तत्वों और स्वास्थ्य वर्धक गुणों के चलते पूरे संसार में सुपर फूड का दर्जा पा चुके हैं। और तो और पौष्टिकता के साथ सुपाच्य गुणों के रूप में आज रसोई घरों, होटलों और रेस्टोरेंट में भी इनका प्रवेश हो गया हैं। आज की आधुनिक भाग दौड़ भरी जिदंगी ने हमारे खान पान की शैली को बुरी तरह से प्रभावित किया है।

जहां तक इन मोटे अनाजों की पौष्टिकता का प्रश्न है ये कैल्शियम आयरन और फाइबर से भरपूर होते है। ग्लूटेन मुक्त होने के कारण पचने में बेहद आसान, वजन नियंत्रण, हड्डियों की मजबूती और ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद करते है।

जिले के परिदृश्य की बात कही जाए तो यहां के किसान सालों से मिलेट अन्न की खेती किसी न किसी रूप में करते आ रहे थे। यह तथ्य अलग है कि उस समय इन अनाजों के स्वास्थ्य गुणों की जानकारी से कम लोग ही परिचित थे। पर अब परिस्थितियां बदल चुकी है।

राज्य एवं केन्द्र शासन की कृषि नीतियों में अब मिलेट अर्थात श्री अन्न को प्रमुखता से प्रमोट किया जा रहा हैं और इन फसलों को समर्थन मूल्य भी बढ़ाया गया हैं, जिसके कारण अब मिलेट खेती का रकबा जिले में बढ़ा है। इस क्रम में जिले के ग्राम पोटाली और नहाड़ी के दो युवा कृषकों दिलीप मरकाम, और हलदर हेमला ने कृषि उन्नति योजना के तहत अपने खेत में कोदो कुटकी उत्पादन कर लाभ कमाया है।

बस्तर में लौट रही आंखों की रोशनी, डिमरापाल मेडिकल कॉलेज ने बनाया नया रिकॉर्ड

बस्तर संभाग के एकमात्र शासकीय मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल डिमरापाल ने नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। पिछले एक वर्ष के दौरान अस्पताल में 1147 मोतियाबिंद मरीजों का सफल ऑपरेशन किया गया, जिससे सैकड़ों लोगों की धुंधली पड़ चुकी दुनिया फिर से रोशन हो सकी।

इस सुविधा का लाभ केवल बस्तर जिले तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर समेत पड़ोसी राज्य ओडिशा के मरीजों को भी मिला है। अस्पताल द्वारा ऑपरेशन के बाद मरीजों को निशुल्क काला चश्मा और आई ड्रॉप भी उपलब्ध कराई गई, जिससे उपचार प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बनी।

नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ. छाया शोरी के अनुसार, मोतियाबिंद बढ़ती उम्र के साथ होने वाली सामान्य बीमारी है, जिसमें आंख का प्राकृतिक लेंस धुंधला हो जाता है और मरीज को धीरे-धीरे कम दिखाई देने लगता है। समय पर इलाज नहीं होने पर यह काचियाबिंद जैसी गंभीर स्थिति में बदल सकता है, जिससे दृष्टि पर गहरा असर पड़ता है।

डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में बिना टांके की आधुनिक तकनीक से मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया जाता है, जिसमें खराब लेंस को हटाकर कृत्रिम लेंस लगाया जाता है। लगातार बढ़ते सफल ऑपरेशनों के आंकड़े यह साबित कर रहे हैं कि बस्तर में अब बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दूरस्थ और आदिवासी अंचलों तक भी प्रभावी रूप से पहुंच रही हैं।

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