Bastar News Update : जगदलपुर. बस्तर में लगातार हो रही बारिश के चलते अंचल की प्रमुख नदियां और नदी-नाले उफान पर हैं. इंद्रावती नदी का जलस्तर इस सीजन में पहली बार डेंजर लेवल को पार कर गया है. सोमवार दोपहर 2 बजे नदी का जलस्तर 8.67 मीटर तक पहुंच गया. जलस्तर में लगातार प्रति घंटे करीब 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हो रही है. इससे नदी किनारे बसे गांवों रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है. उल्लेनीय है कि इंद्रावती के बढ़ते जलस्तर का असर आवागमन पर भी पड़ने लगा है. इन्द्रावती नदी का पुराना पुल पानी में डूब गया है, जिसके चलते इस मार्ग से आवागमन बंद हो गया. वहीं कलचा मार्ग पर भी पानी भरने से आवाजाही प्रभावित हुई है. बेलगांव-नगरनार मार्ग भी बंद हो गया है. नदी-नालों के उफान पर होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इंद्रावती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है. जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो निचले इलाकों में पानी पहुंचने की आशंका है. ऐसे में बाढ़ प्रभावित परिवारों को घरों से सुरक्षित स्थानों पर जाने और बेघर होने की चिंता सताने लगी है. ग्रामीण नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. वहीं अब भी ओड़िशा में भारी बारिश होने की खबर मिल रही है, ऐसे में बस्तर में बाढ़ का खतरा बढ़ने की संभावना है. सीडब्लूसी के मुताबिक इंद्रावती नदी का जलस्तर प्रति घंटे करीब 10 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है. भारी बारिश के कारण नदी में लगातार पानी की आवक बनी हुई है. ऐसे में आने वाले घंटों में जलस्तर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. प्रशासन और स्थानीय लोग नदी किनारे के क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. इस सीजन में पहली बार इंद्रावती नदी के डेंजर लेवल पार करने से बस्तर में बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है. नदी-नालों के उफान को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.

इंद्रावती नदी में लापता महिला का मिला शव

जगदलपुर. कोहकापाल क्षेत्र में इंद्रावती नदी के किनारे एक महिला का शव मिलने से हड़कंप मच गया. मृतका की पहचान नयामुंडा निवासी 55 से 60 वर्षीया महिला के रूप में हुई है, जो स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता थी. बताया जा रहा है कि परिजनों ने 16 अगस्त को बोधघाट थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद से पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी. कोहकापाल के पास नदी किनारे शव तैरता देख स्थानीय लोगों के होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को नदी से बाहर निकालकर पंचनामा कार्रवाई की. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतका मिर्गी की बीमारी से ग्रस्त थी. फिलहाल कोतवाली थाना पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मौत के असली कारणों का पता लगाने में जुट गई है.

जिला अस्पताल में भर्ती मरीज का छत पर मिला शव

नारायणपुर. जिला अस्पताल में भर्ती एक मरीज का शव रविवार की सुबह अस्पताल की छत पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से हड़कंप मच गया. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मरीज को 21 अगस्त को पेट दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. रात करीब दो बजे मरीज अपने बेड से गायब मिला, जबकि सुबह अस्पताल स्टाफ को उसके छत से नीचे गिरने की जानकारी मिली. अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है.पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है. फॉरेंसिक टीम द्वारा घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि मरीज छत तक किन परिस्थितियों में पहुंचा और वहां से गिरने की घटना कैसे हुई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारण तथा अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की चूक हुई या नहीं, यह स्पष्ट हो सकेगा. घटना ने जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. बताया जा रहा है कि मरीज की देखरेख के लिए अटेंडर भी मौजूद था. रात में अटेंडर की आंख लगने के बाद मरीज बेड पर नहीं मिला. रविवार सुबह करीब 6 बजे अस्पताल की नर्स ने अटेंडर को बताया कि मरीज अस्पताल के बाहर जमीन पर पड़ा है. बाहर जाकर देखने पर मरीज लहूलुहान हालत में मिला, जिसके बाद उसे तत्काल अंदर ले जाया गया. ड्यूटी डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि अस्पताल में भर्ती मरीज आधी रात को वार्ड से निकलकर छत तक कैसे पहुंच गया. क्या छत का रास्ता खुला था? यदि छत पर जाने का मार्ग खुला था तो उसे सुरक्षित रखने की व्यवस्था क्यों नहीं थी? भर्ती मरीजों की निगरानी और वार्ड की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं. बताया जा रहा है कि मृतक के बगल वाले बेड पर भर्ती एक अन्य मरीज भी घटना के बाद से गायब है, जबकि उसका सामान अभी उसी बेड के पास रखा हुआ है.

सड़क हादसे में घायल जवानों से मिलने पहुंचे मंत्री केदार

जगदलपुर. वन मंत्री केदार कश्यप ने डिमरापाल स्थित कॉन्टिनेंटल अस्पताल पहुंचकर सड़क दुर्घटना में घायल जवानों का हालचाल जाना और उनके उपचार की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली. इस दौरान उन्होंने घायल जवानों के परिजनों से भी आत्मीय बातचीत कर उन्हें ढांढस बंधाया और सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का पूरा भरोसा दिलाया. अस्पताल में डॉक्टरों से चर्चा के बाद मंत्री ने बताया कि सभी जवान सुरक्षित हैं और उनका समुचित इलाज जारी है. उन्होंने स्व बलिराम कश्यप मेमोरियल मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल के अधीक्षक डॉ अनुरूप साहू एवं कॉन्टिनेंटल अस्पताल के सहायक महाप्रबंधक डॉ संतोष कुमार सिंह से जवानों की रिकवरी और उपचार योजना पर विस्तार से विमर्श करते हुए बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उल्लेखनीय है कि 23 अगस्त को जब वन मंत्री केदार कश्यप ग्राम फरसागुड़ा से कोंडागांव में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे. इसी दौरान भानपुरी थाना क्षेत्र में कोंडागांव की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने पायलट वाहन को पार करते हुए मंत्री की गाड़ी के साइड मिरर को छू लिया और फिर स्पेयर वाहन से टकराते हुए काफिले के फॉलो वाहन से जा भिड़ी. इस जोरदार टक्कर में फॉलो वाहन के चालक और उसमें सवार पुलिस जवान घायल हो गए थे. हादसे के तुरंत बाद मंत्री कश्यप ने संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया तथा गंभीर रूप से घायल जवानों को उच्चस्तरीय उपचार के लिए जगदलपुर रेफर कराया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका निरंतर इलाज चल रहा है.

शिक्षकों की कमी से दिव्यांग छात्रों ने कलेक्टर से लगाई गुहार

जगदलपुर. शिक्षकों की कमी से जूझ रहे शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ विद्यालय के दिव्यांग विद्यार्थियों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा से मुलाकात की. विद्यार्थियों ने विद्यालय में शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित होने की समस्या कलेक्टर के समक्ष रखी. उन्होंने बताया कि पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से दृष्टिबाधित और श्रवण बाधित विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है. विद्यार्थियों ने पूर्व में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी शिक्षकों तथा शिक्षा विभाग से संलग्न व्याख्याताओं की पुनः पदस्थापना की मांग रखी. कलेक्टर आकाश छिकारा ने विद्यार्थियों की समस्या गंभीरता से सुनते हुए जल्द ही समाधान करने का आश्वासन दिया. कलेक्ट्रेट पहुंचे विद्यार्थियों को देखकर एसडीएम मनीष वर्मा ने भी उनसे चर्चा की. कलेक्ट्रेट पहुंचे दृष्टि एवं श्रवण बाधित विद्यार्थियों से एसडीएम मनीष वर्मा ने मुलाकात कर उनकी समस्या जानी. विद्यार्थियों ने बताया कि वे ऑटो से कलेक्ट्रेट आए हैं. इस पर एसडीएम ने संवेदनशीलता दिखाते हुए वाहन चालक को निर्देश देकर विद्यार्थियों को अपने वाहन से सुरक्षित आड़ावाल स्थित विद्यालय पहुंचाने की व्यवस्था कराई.

नाला में महिला का मिला शव

पखांजूर. नगर पंचायत पखांजूर क्षेत्र के अंजाड़ी नाला में सोमवार को एक महिला का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई. शव दिखाई देने के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पखांजूर पुलिस को दी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की. प्रारंभिक तौर पर महिला की पहचान नहीं होने के कारण क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं और लोगों में भय का माहौल बन गया. महिला का शव अंजाड़ी नाला तक कैसे पहुंचा, इसे लेकर भी लोगों में सवाल उठने लगे. पुलिस की जांच के दौरान मृतका की पहचान हो गई. जानकारी सामने आने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि मृतका का नाम सुनीता शोरी पति सोमनाथ उम्र 30 वर्ष पखांजूर पीडब्लूडी ऑफिस के पास ही निवास करती थी. पुलिस ने मामले को दर्ज कर जांच शुरू कर दी है तथा घटना के संबंध में आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. बताया गया है कि शव को फिलहाल मर्चुरी सुरक्षित रखा गया है. मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद महिला की मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा. घटना के बाद कुछ समय के लिए पूरे क्षेत्र में भय और सनसनी का माहौल रहा, लेकिन मृतका की पहचान होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली. पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है.

जर्जर सड़कों को लेकर AAP करेगी प्रदर्शन

अंतागढ़. रावघाट माइंस के भारी वाहनों के लगातार आवागमन के कारण अंतागढ़-नारायणपुर मार्ग सहित क्षेत्र की सड़कें अत्यंत खराब एवं जर्जर हो चुकी हैं. सड़क की बदहाली के कारण आम नागरिकों, सवारी वाहनों, स्कूली वाहनों एवं आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस के संचालन में भारी परेशानी हो रही है. क्षेत्रवासियों की लगातार बढ़ती समस्याओं और जनहित को देखते हुए आम आदमी पार्टी ने 25 अगस्त को सुबह 8 बजे चक्काजाम आंदोलन करने का निर्णय लिया है. आम आदमी पार्टी की प्रमुख मांग है कि जब तक सड़क का पूर्ण निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक इस मार्ग पर रावघाट माइंस एवं अन्य भारी वाहनों के संचालन पर तत्काल रोक लगाई जाए. पार्टी का कहना है कि विकास के नाम पर क्षेत्र की जनता को परेशानी में नहीं डाला जा सकता. सड़क आम जनता, स्कूली बच्चों, मरीजों और यात्रियों के सुरक्षित आवागमन के लिए है. यदि भारी वाहनों के कारण सड़क इतनी खराब हो चुकी है कि एम्बुलेंस और स्कूली वाहन तक प्रभावित हो रहे हैं, तो प्रशासन एवं संबंधित विभाग को इसकी जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए.

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