लखनऊ. समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय से मुलाकातों का सिलसिला जारी है. अब सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख और उत्तर प्रदेश सरकार में पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने भी उनसे मिलने की बात कही है. राजभर ने कहा कि वह माता प्रसाद पांडेय का हालचाल लेने जाएंगे.
इसे भी पढ़ें- माता प्रसाद के बाद आशीष पटेल से मिले संजय निषाद, आरक्षण और संगठन पर चर्चा; सीटों पर बोले- कोई मसला नहीं
संजय निषाद पहले कर चुके हैं मुलाकात
इससे पहले निषाद पार्टी के अध्यक्ष और यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद ने 14 सितंबर को लखनऊ में माता प्रसाद पांडेय से उनके आवास पर मुलाकात की थी. संजय निषाद ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया था और कहा था कि माता प्रसाद पांडेय की तबीयत खराब होने के कारण वह उनका हालचाल लेने पहुंचे थे. दोनों नेताओं के बीच समसामयिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई थी.
संजय निषाद के बयान से बढ़ी चर्चा
मुलाकात के बाद संजय निषाद के उस बयान पर भी चर्चा हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर भाजपा उनके लिए दरवाजा बंद करती है तो वह दूसरे विकल्पों पर विचार करेंगे. उन्होंने यह भी कहा था कि सपा ने पहले उनका रास्ता बंद किया था, जिसके बाद वह भाजपा के साथ गए थे. हालांकि उन्होंने माता प्रसाद पांडेय से मुलाकात को किसी राजनीतिक गठजोड़ से जोड़ने से इनकार किया था.
राजभर ने बताया मुलाकात का कारण
ओमप्रकाश राजभर ने कहा है कि वह माता प्रसाद पांडेय से मिलने जाएंगे. उनके मुताबिक, मुलाकात का उद्देश्य उनका हालचाल जानना है. राजभर और संजय निषाद दोनों ही योगी सरकार में मंत्री हैं और उनके दल एनडीए के सहयोगी हैं. ऐसे में दोनों नेताओं की सपा के वरिष्ठ नेता से मुलाकातें राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हैं.
इसे भी पढ़ें- यूथ कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा! अखिलेश यादव का सरकार पर हमला, 27 के चुनाव में युवाओं की भूमिका अहम बताते हुए दिया बड़ा बयान
गठबंधन को लेकर अटकलों का दौर
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में दलों के बीच गठबंधन और सीटों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ी हैं. संजय निषाद की मुलाकात के बाद सपा के साथ संभावित समीकरणों को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं. हालांकि अभी तक संजय निषाद या ओमप्रकाश राजभर की ओर से सपा के साथ किसी नए गठबंधन की घोषणा नहीं की गई है. इसलिए फिलहाल इन मुलाकातों को लेकर सामने आ रही राजनीतिक चर्चाओं को अटकलों के तौर पर ही देखा जा रहा है.



