लखनऊ. उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सहयोगी दलों के नेताओं के बीच मुलाकातों का दौर जारी है. मंगलवार (15 सितंबर 2026) शाम प्राविधिक शिक्षा मंत्री और अपना दल (एस) नेता आशीष पटेल ने कैबिनेट मंत्री संजय निषाद से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की.

इसे भी पढ़ें- यूथ कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा! अखिलेश यादव का सरकार पर हमला, 27 के चुनाव में युवाओं की भूमिका अहम बताते हुए दिया बड़ा बयान

इससे एक दिन पहले संजय निषाद ने सपा नेता और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय से मुलाकात की थी. संजय निषाद ने माता प्रसाद से मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया था, लेकिन साथ ही कहा था कि भाजपा के साथ रास्ता बंद होने की स्थिति में वह दूसरे विकल्पों पर विचार कर सकते हैं.

आशीष पटेल से किन मुद्दों पर हुई बात?

संजय निषाद के मुताबिक, आशीष पटेल से निषाद आरक्षण, सरकारी बजट के समय पर खर्च और 69 हजार शिक्षक भर्ती समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि एनडीए के सहयोगी दल भाजपा के प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े के साथ बैठक कर इन मुद्दों को उठाएंगे. उनके मुताबिक, अगले सप्ताह सहयोगी दलों की बैठक हो सकती है.

https://twitter.com/drsanjayknishad/status/2099882656049864921/photo/2

सीट बंटवारे पर संजय निषाद ने क्या कहा?

संजय निषाद ने कहा कि फिलहाल सीटों को लेकर कोई विवाद नहीं है. उन्होंने कहा कि जहां सहयोगी दल चुनाव लड़ेंगे, वहां भाजपा संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ बूथ स्तर पर समन्वय जरूरी है. उनके अनुसार सीट बंटवारे से पहले गठबंधन में जमीनी स्थिति और संगठनात्मक तालमेल पर चर्चा की जाती है.

निषाद आरक्षण का मुद्दा फिर उठा

संजय निषाद ने कहा कि निषाद आरक्षण उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है. उन्होंने दावा किया कि भाजपा के साथ गठबंधन के समय इस मुद्दे पर विचार का आश्वासन दिया गया था. उन्होंने कहा कि निषाद समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग को लेकर आगे भी प्रयास जारी रहेगा.

इसे भी पढ़ें- गाजियाबाद में 10वीं की छात्रा ने 15वीं मंजिल से कूदकर दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- पढ़ाई का दबाव…

माता प्रसाद से मुलाकात के बाद बढ़ी चर्चा

संजय निषाद की माता प्रसाद पांडेय से मुलाकात के बाद सपा के साथ संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हुई थीं. हालांकि निषाद ने इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया था. उन्होंने यह भी कहा था कि उनकी पार्टी उसी के साथ रहेगी जो निषाद समाज से जुड़े मुद्दों के समाधान में सहयोग करे.