देहरादून. पूर्व सीएम हरीश रावत के पीए के घर छापे पड़ने के बाद सियासी पारा गरमाया हुआ है. इन सबके बीच हरीश रावत का बड़ा बयान सामने आय़ा है. उन्होंने कहा कि न झुकेंगे, न रुकेंगे-सत्य के लिए लड़ते रहेंगे! हमने भी गरीबी भी झेली, विपरीत परिस्थितियां भी झेली. मगर मैं आज अपने दोस्तों से कहना चाहता हूं, कई लोग कह रहे हैं कि हरीश रावत अपने को गरीब चित्रित कर रहा है. मैंने कभी अपने को गरीब चित्रित नहीं किया. अब मैं गरीब नहीं हूं. मैं 5 लाख सालाना इनकम टैक्स दे रहा हूं, तो मैं कहाँ से गरीब हो गया?

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आगे हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड में लगभग 40-45% परिवार ऐसे हैं, जिनकी सालाना आय 5 लाख नहीं है. हां, मैंने धनाढ्य होने का कभी प्रयास नहीं किया और इसीलिए मैं सीबीआई, इनकम टैक्स, कोई भी सेंट्रल एजेंसी हो, ईडी साहब हों, कोई हों, मैं उनको आमंत्रित कर रहा हूँ कि भई, आप आइए, जांच कर लीजिए. एक बार झंझट कट जाएगा. मेरा परिवार आज भी ठेकेदारी करता है, लेकिन हमने कभी हाई-प्रोफाइल ठेकेदारियां नहीं कीं.

आगे उन्होंने कहा कि मैं बड़े-बड़े पदों पर भी रहा, लेकिन मेरे परिवार के किसी भी सदस्य ने हाई-प्रोफाइल ठेकेदारियां नहीं कीं. मेरा एक बेटा स्कूलों का संचालन करता है. दूसरे बेटे की एक-दो कम्पनियां थीं, वो सत्ता परिवर्तन के साथ वो काम छिन गए. एक को तो बड़ा घाटा उठाना पड़ा, क्योंकि आखिर हरीश रावत का बेटा होने का किसी को फायदा है, तो फिर नुकसान भी होता है, तो नुकसान भी उठाया है. लेकिन हमने इन बातों को कभी सार्वजनिक नहीं किया.

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आगे हरीश रावत ने कहा कि आज जब मुझको दागदार बनाने के लिए कोई बात कही जा रही है और कुछ लोग मुझे दागदार बनाकर के सार्वजनिक जीवन से विदा करना चाह रहे हैं, तो उस समय मुझे ये शेर याद आ रहा है कि, “दिले-शिकस्त न समझे ज़माना हमको.” मरते दम तक भी लड़ेंगे और सत्य के लिए लड़ेंगे, न्याय के लिए लड़ेंगे. दाग लगाने की कोशिशें बहुत हुईं, अब सच की लड़ाई और तेज होगी!