कुंदन कुमार, पटना। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद मनोज झा ने केंद्र सरकार और संघ नेतृत्व पर हमला बोला है। यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) और बाढ़ प्रभावित बिहार में केंद्रीय मंत्रियों के दौरों को लेकर उन्होंने सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
UCC असल में डॉग व्हिसीलिंग पॉलिटिक्स: मनोज झा
मनोज झा ने दो टूक शब्दों में कहा कि समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर उनकी पार्टी संसद के भीतर और बाहर अपना पक्ष पूरी मजबूती से रख चुकी है। उन्होंने UCC की बहस को खारिज करते हुए इसे ‘डॉग व्हिसीलिंग पॉलिटिक्स’ (एक खास एजेंडे के तहत सांकेतिक राजनीति) करार दिया है। अपने तर्कों को धार देते हुए उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के विदेशी दौरों का जिक्र किया। झा ने याद दिलाया कि अमेरिका और इंग्लैंड में खुद मोहन भागवत ने यह माना था कि देश के लिए एकरूपता से ज्यादा एकता जरूरी है। विविधता से भरे भारत में जबरन एकरूपता थोपने की कोशिशें सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का षड्यंत्र हैं।
बाढ़ के बीच केंद्रीय मंत्रियों के दौरे पर फूटा गुस्सा
बिहार में लगातार आ रही केंद्रीय जांच टीमों और मंत्रियों के दौरों (विशेषकर शिवराज सिंह चौहान के आगमन) पर मनोज झा ने बेहद कड़े शब्दों में आपत्ति जताई। उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्र को बिहार की सुध लेने में बहुत देर हो चुकी है।
सरकार की प्राथमिकताओं को बेनकाब करते हुए उन्होंने कहा:
- यदि बिहार में चुनाव सिर पर होते, तो केंद्र के 150 बड़े नेता और पूरा मंत्रिमंडल यहीं डेरा डाले बैठा रहता।
- इन दौरों से साफ है कि सत्ता में बैठे लोगों को बिहार की जमीनी हकीकत और जनता के दर्द से कोई सरोकार नहीं है।
- उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हमने सुना है कि मंत्री जी चार्टर्ड प्लेन से आ रहे हैं; बेहतर होता कि उस यात्रा के भारी-भरकम खर्च का पैसा बाढ़ पीड़ितों की राहत और मदद में लगा दिया जाता।



