India-New Zealand FTA Deal: भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड डील यानी एफटीए को न्यूजीलैंड संसद की मंजूरी मिल गई है। 16 सितंबर 2026 को भारत-न्यूज़ीलैंड FTA को लागू करने वाला कानून न्यूज़ीलैंड की संसद से 93-29 वोट से पास हो गया। विपक्षी लेबर पार्टी ने भी इसके समर्थन में मतदान किया।न्यूज़ीलैंड की संसद से पास होने के साथ ही भारत-न्यूजीलैंड एफटीए डील के लागू होने का रास्ता साफ हो गया है। भारत-न्यूजीलैंड एफटीए डील अक्टूबर में लागू हो सकता है। इसके लागू होने से 95% निर्यात पर Tariff खत्म हो जाएगा। बता दें कि भारत-न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड डील पर 27 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए थे।

न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने कहा कि समझौते के पूरी तरह लागू होने के बाद भारत को होने वाले न्यूजीलैंड के करीब 95 फीसदी मौजूदा निर्यात पर टैरिफ या तो खत्म हो जाएगा। समझौते के लागू होते ही करीब 57 फीसदी न्यूजीलैंड निर्यात पर शुल्क खत्म हो जाएगा। FTA के लागू होने के साथ ही न्यूजीलैंड के 57 फीसदी निर्यात को भारत में ड्यूटी-फ्री एंट्री मिलेगी

न्यूजीलैंड के आधिकारिक दस्तावेज के मुताबिक लंबे समय में करीब 82 फीसदी निर्यात पूरी तरह शुल्क मुक्त हो जाएगा। जबकि बाकी 13 फीसदी निर्यात पर टैरिफ में बड़ी कमी की जाएगी। इसका असर न्यूजीलैंड के कई प्रमुख उत्पादों पर पड़ेगा। खास तौर पर लकड़ी और फॉरेस्ट्री से जुड़े निर्यात को शुरुआती चरण में ही बड़ा फायदा मिलेगा। सेब, कीवीफ्रूट, भेड़ के मांस, ऊन, कोयला और समुद्री उत्पादों के लिए भी समझौते में अलग-अलग तरह की टैरिफ रियायतें और कोटा तय किए गए हैं।

भारत को न्यूजीलैंड में मिलेगा 100 फीसदी ड्यूटी-फ्री एक्सेस

भारत सरकार के अनुसार FTA के तहत भारतीय निर्यात के लिए न्यूजीलैंड में 100 फीसदी ड्यूटी-फ्री बाजार पहुंच का प्रावधान किया गया है। इससे टेक्सटाइल, कपड़े, चमड़ा, जूते, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग सामान और प्रोसेस्ड फूड जैसे श्रम आधारित क्षेत्रों को फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि भारत ने न्यूजीलैंड के सभी उत्पादों के लिए अपने बाजार को पूरी तरह नहीं खोला है। भारत ने डेयरी और कुछ कृषि उत्पाद समेत कई संवेदनशील क्षेत्रों को ट्रेड डील से बाहर रखा है।

भारत में 20 अरब NZ डॉलर निवेश का वादा

FTA में निवेश को भी महत्व दिया गया है। न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब न्यूजीलैंड डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। भारत सरकार के अनुसार यह निवेश दोनों देशों के बीच लंबे समय के आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।

दोनों देशों के बीच करीब 4 अरब NZ डॉलर का व्यापार

बता दें कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार पिछले कुछ वर्षों में बढ़ा है। जून 2026 तक के 12 महीनों में दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का कुल व्यापार करीब 3.99 अरब न्यूजीलैंड डॉलर रहा। इस अवधि में भारत न्यूजीलैंड के लिए वस्तुओं और सेवाओं का नौवां सबसे बड़ा निर्यात बाजार था। नए FTA का मकसद दोनों देशों के बीच बाजार पहुंच बढ़ाना और व्यापार में आने वाली टैरिफ बाधाओं को कम करना है।

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