Bastar News Update : बस्तर. जिले के सुधापाल पंचायत के आश्रित ग्राम कुंडोपानी में विकास की असली तस्वीर अब भी अधूरी नजर आ रही है. करीब 25 परिवारों वाला यह गांव आज भी पक्की सड़क और पुलिया जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है. बरसात में डोंगा डोबरा नाला उफान पर आते ही गांव का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है. इस बार ग्रामीणों ने प्रशासन का इंतजार करने के बजाय खुद लकड़ी की अस्थायी पुलिया तैयार कर ली. इसी पुलिया के सहारे बच्चे, बुजुर्ग और ग्रामीण रोज आवाजाही करने को मजबूर हैं. माध्यमिक शिक्षा के लिए बच्चों को छह किलोमीटर दूर सुधापाल जाना पड़ता है. बारिश बढ़ते ही कई बार स्कूल तक पहुंचना भी संभव नहीं हो पाता. ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय सड़क और पुल का वादा हर बार किया जाता है. लेकिन चुनाव खत्म होते ही ये वादे भी फाइलों में दब जाते हैं. कच्चे, पथरीले और कीचड़ भरे रास्तों ने गांव की जिंदगी मुश्किल बना दी है. ग्रामीण वर्षों से सड़क और पुलिया निर्माण की मांग कर रहे हैं. अब सवाल यही है कि आखिर विकास की सड़क कुंडोपानी तक कब पहुंचेगी?

ग्रामसभा की मंजूरी बिना खनन का आरोप

सुकमा. जिले के तुमालपाड़ गांव में विकास और अधिकारों के बीच टकराव का मामला सामने आया है. ग्रामीणों का आरोप है कि ग्रामसभा की अनुमति के बिना पहाड़ में खनन और ब्लास्टिंग कराई जा रही है. उनका कहना है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अनुमति दिखाकर दो बड़े क्रशर प्लांट स्थापित कर दिए गए. रोजाना होने वाली ब्लास्टिंग से खेतों में पत्थर गिर रहे हैं और फसलों पर धूल की मोटी परत जम रही है. किसानों का दावा है कि समय पर जुताई तक नहीं हो सकी है. ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें विकास कार्यों से कोई आपत्ति नहीं है. लेकिन उनकी सहमति के बिना जल, जंगल और जमीन का दोहन स्वीकार नहीं होगा. पूर्व विधायक मनीष कुंजाम भी गांव पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा की. ग्रामीणों ने विकास कार्यों के नाम पर किए गए वादे पूरे नहीं होने का भी आरोप लगाया. सरपंच ने भी दावा किया कि ग्रामसभा ने खनन की अनुमति नहीं दी थी. अब ग्रामीण निष्पक्ष जांच और अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं. मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई और जांच की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है.

नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों की ठगी

जगदलपुर. बस्तर पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपी ने मंत्रालय में अच्छी पहचान होने का दावा कर फूड इंस्पेक्टर की नौकरी लगाने का भरोसा दिया. जगदलपुर निवासी युवक से वर्ष 2022 से 2024 के बीच करीब 1 लाख 91 हजार रुपये वसूले गए. रकम गूगल पे और चेक के माध्यम से ली गई थी. नौकरी नहीं मिलने पर आरोपी लगातार बहाने बनाता रहा. बाद में मोबाइल बंद कर फरार हो गया. शिकायत मिलने पर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम दुर्ग-भिलाई पहुंची. वहीं से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ में आरोपी ने ऑनलाइन रकम लेना स्वीकार किया. पुलिस ने मोबाइल जब्त कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया. पुलिस ने लोगों से नौकरी के नाम पर किसी भी तरह की रकम देने से पहले पूरी जांच करने की अपील की.

जगदलपुर-रायपुर हवाई सेवा पर संकट, यात्रियों की कमी से बंद होने की आशंका

जगदलपुर. जगदलपुर से रायपुर हवाई सेवा एक बार फिर संकट के दौर में पहुंच गई है. एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार इस रूट पर यात्रियों की संख्या लगातार घट रही है. रोजाना जहां हैदराबाद रूट पर 40 से 45 यात्री मिल रहे हैं. वहीं रायपुर जाने वाली फ्लाइट में औसतन केवल 12 से 13 यात्री सफर कर रहे हैं. कई दिनों में यह संख्या दो से तीन यात्रियों तक सिमट जाती है. बताया जा रहा है कि संचालन के लिए प्रतिदिन करीब 50 यात्रियों का लक्ष्य तय है. कम यात्री मिलने से इस सेवा को जारी रखना मुश्किल होता जा रहा है. रायपुर का किराया भी कई यात्रियों के लिए महंगा साबित हो रहा है. यही वजह है कि लोग हैदराबाद के रास्ते दूसरे शहरों की यात्रा करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं. स्थानीय मांग पर शुरू हुई यह सुविधा अब भविष्य को लेकर असमंजस में है. यदि यात्री संख्या नहीं बढ़ी तो रायपुर फ्लाइट बंद हो सकती है. ऐसे में बस्तर की हवाई कनेक्टिविटी पर फिर असर पड़ने की आशंका है.

गौ क्रूरता के मामले में त्वरित कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार

जगदलपुर. शहर के संतोषी वार्ड में गाय के साथ कथित अमानवीय कृत्य का मामला सामने आया है. घटना की जानकारी मिलते ही बोधघाट पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की. गौ रक्षा दल की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने आरोपी जय दास को गिरफ्तार कर लिया है. मामले में भारतीय न्याय संहिता और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं. घटना के बाद इलाके में लोगों में आक्रोश देखा गया. गौ रक्षा दल ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. संगठन का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कानून की जरूरत है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. आरोपी से पूछताछ जारी है. पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी. मामले ने पशु संरक्षण और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर फिर बहस छेड़ दी है.

पहली बार बेअसर रहा नक्सलियों का शहीदी सप्ताह, सामान्य दिखा जनजीवन

सुकमा-बीजापुर. बस्तर संभाग में इस बार नक्सलियों का तथाकथित शहीदी सप्ताह पूरी तरह फीका नजर आया. 28 जुलाई से 3 अगस्त के बीच संवेदनशील इलाकों में सामान्य दिनों जैसा माहौल रहा. जहां पहले दहशत का माहौल रहता था, वहां अब खेतों में किसान काम करते दिखाई दिए. यात्री बसें और निजी वाहन बिना किसी रुकावट के चलते रहे. बीजापुर-कोंटा और जगरगुंडा मार्ग पर भी आवाजाही सामान्य रही. ग्रामीणों का कहना है कि इस बार उन्हें शहीदी सप्ताह का कोई असर महसूस नहीं हुआ. पहले इन्हीं दिनों बाजार, खेती और आवाजाही तक प्रभावित रहती थी. अब गांवों में सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ती दिखाई दे रही है. महिलाएं सामाजिक योजनाओं का लाभ मिलने की बात भी कह रही हैं. बदला हुआ माहौल सुरक्षा व्यवस्था में आए बदलाव की तस्वीर पेश कर रहा है. हालांकि सुरक्षा बल अब भी पूरी सतर्कता बनाए हुए हैं. बस्तर में लौटती सामान्य जिंदगी बदलाव की नई कहानी लिखती दिखाई दे रही है.

करोड़ों का अस्पताल, लेकिन मरीजों को नहीं मिल रहीं बुनियादी सुविधाएं

दंतेवाड़ा. गीदम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं. करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद मरीजों को मूलभूत सुविधाओं के लिए भटकना पड़ रहा है. बताया जा रहा है कि अस्पताल में पिछले दो महीने से एक्स-रे फिल्म उपलब्ध नहीं है. मरीजों को केवल डिजिटल रिपोर्ट देकर भेजा जा रहा है. ग्रामीण इलाकों से आने वाले कई मरीजों के पास स्मार्टफोन तक नहीं हैं. ऐसे में इलाज और जांच दोनों प्रभावित हो रहे हैं. अस्पताल भवन में पहले भी बारिश के दौरान पानी टपकने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि रखरखाव पर खर्च के बावजूद हालात नहीं बदले. बीएमओ के पास दो ब्लॉकों का प्रभार होने से व्यवस्थाएं प्रभावित होने की बात भी कही जा रही है. ग्रामीण बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग कर रहे हैं. अब लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है. सवाल यही है कि करोड़ों की लागत वाला अस्पताल आखिर पूरी क्षमता से कब चलेगा?

सावन में दलपत सागर के शिव मंदिर तक पहुंचेगी मोटरबोट, श्रद्धालुओं को बड़ी राहत

जगदलपुर. सावन के पवित्र महीने में शिवभक्तों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. जगदलपुर के ऐतिहासिक दलपत सागर स्थित प्राचीन शिव मंदिर तक अब प्रत्येक सोमवार मोटरबोट चलेगी. सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक श्रद्धालु इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे. अब तक इस मंदिर तक पहुंचना बेहद कठिन माना जाता था. महाशिवरात्रि के अवसर पर ही दर्शन की विशेष व्यवस्था हो पाती थी. श्रद्धालुओं की मांग को देखते हुए इस बार सावन में भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है. दलपत सागर धार्मिक और ऐतिहासिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है. तालाब के बीच स्थित प्राचीन शिव मंदिर वर्षों से आस्था का केंद्र रहा है. अब अधिक संख्या में श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से दर्शन कर सकेंगे. प्रशासन ने सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है. श्रद्धालुओं में इस नई व्यवस्था को लेकर उत्साह देखा जा रहा है. सावन में यह पहल आस्था और सुविधा दोनों को जोड़ने वाली साबित हो सकती है.

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