Bastar News Update : बीजापुर. बीजापुर में आत्मसमर्पित युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नई पहल शुरू हुई है. 25 प्रशिक्षुओं को वैज्ञानिक तरीके से मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. विशेषज्ञ उन्हें खेती से लेकर पैकेजिंग और विपणन तक की पूरी प्रक्रिया सिखा रहे हैं. प्रशिक्षण में धान के पुआल का उपयोग, स्पॉन रोपण और नमी प्रबंधन पर विशेष जोर है. मशरूम को कम लागत और कम समय में अधिक मुनाफा देने वाला व्यवसाय बताया गया. ग्रामीण क्षेत्रों में इसे आसानी से शुरू किया जा सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में मशरूम की मांग लगातार बढ़ रही है. यह प्रोटीन, फाइबर और कई आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर सुपर फूड माना जाता है. इस पहल का उद्देश्य युवाओं को सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराना है. कौशल विकास के जरिए उन्हें मुख्यधारा से स्थायी रूप से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. स्वरोजगार की यह पहल नई जिंदगी की मजबूत नींव बन सकती है. संदेश साफ है—हथियार छोड़ने वालों के हाथ अब रोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं.

इतिहास के फैसलों ने बदला बस्तर का भूगोल (Bastar News Update)

जगदलपुर. बस्तर का इतिहास सिर्फ राजाओं की वीरगाथाओं का नहीं, बल्कि सत्ता बचाने के लिए लिए गए कठिन फैसलों का भी गवाह है. करीब 358 साल पहले राजा दरियावदेव ने युद्ध की परिस्थितियों में 2500 वर्ग मील भूमि जैपुर रियासत के पास गिरवी रख दी. युद्ध खर्च के लिए उन्हें 28 हजार रुपये मिले, लेकिन यह रकम कभी लौटाई नहीं जा सकी. नतीजा यह हुआ कि कोटपाड़ परगना सहित बड़ा भूभाग हमेशा के लिए बस्तर से अलग हो गया. इसके करीब 181 साल पहले नहीं, बल्कि बाद के दौर में राजा भूपाल देव को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा. बकाया कर चुकाने में असमर्थ रहने पर 900 वर्ग किलोमीटर का सिहावा परगना मराठों के अधीन चला गया. यहीं नहीं, भोपालपटनम क्षेत्र के 100 से अधिक गांव भी सत्ता बचाने की रणनीति में नवाबों के अधीन हो गए. गोदावरी तट का पर्णशाला क्षेत्र भी इसी बदलाव का हिस्सा बना. आज यह इलाका तेलंगाना राज्य में शामिल है. इतिहासकार मानते हैं कि इन राजनीतिक समझौतों ने बस्तर की सीमाओं का स्वरूप हमेशा के लिए बदल दिया. युद्ध, आर्थिक संकट और सत्ता संघर्ष ने बस्तर के भूगोल को नई दिशा दी. आज भी ये घटनाएं बस्तर के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय मानी जाती हैं.  

बीजापुर के जंगलों में मिले नक्सलियों के 8 डंप

बीजापुर. बीजापुर के घने जंगलों में सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है. संयुक्त टीम ने एंड्री गांव के जंगल से नक्सलियों के 8 छिपे हुए डंप बरामद किए हैं. ऑपरेशन में सीआरपीएफ की 199वीं बटालियन, 202 कोबरा और जिला पुलिस शामिल रही. तलाशी के दौरान आईईडी बनाने की सामग्री, डेटोनेटर, कॉर्डेक्स वायर और विस्फोटक बरामद हुए. रेडियो सेट, मेडिकल सामग्री, इलेक्ट्रिक उपकरण और नक्सली उपयोग का अन्य सामान भी मिला. कुल 69 प्रकार की सामग्री सुरक्षा बलों ने जब्त की है. अधिकारियों के अनुसार इनका इस्तेमाल भविष्य में बड़े हमलों की तैयारी के लिए किया जाना था. एंड्री और आसपास का इलाका कभी नक्सलियों का मजबूत गढ़ माना जाता था. लगातार अभियानों के बाद यहां नक्सली गतिविधियों में काफी कमी आई है. ग्रामीणों में सुरक्षा का भरोसा भी लगातार मजबूत हो रहा है. सुरक्षाबलों ने स्पष्ट किया कि आसूचना आधारित अभियान आगे भी जारी रहेंगे. लक्ष्य क्षेत्र को पूरी तरह नक्सलमुक्त बनाकर विकास की राह को सुरक्षित करना है.

कॉलेज उत्सव बना नई शिक्षा और नवाचार का मंच

जगदलपुर. बस्तर में आयोजित महाविद्यालय के वार्षिक उत्सव में शिक्षा और नवाचार का संदेश प्रमुखता से उभरा. मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने विद्यार्थियों को नई सोच अपनाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण का सबसे बड़ा माध्यम है. युवाओं से आधुनिक तकनीक और व्यावहारिक कौशल सीखने की अपील की गई. राज्य में रोजगारपरक शिक्षा और डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया. मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया गया. विश्वविद्यालय प्रशासन ने नई शिक्षा नीति को भविष्य की जरूरतों से जोड़कर बताया. कार्यक्रम में स्टार्टअप और नवाचार आधारित सोच को बढ़ावा देने की बात कही गई. संदेश दिया गया कि युवा नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें. लोक संस्कृति से जुड़े पंथी, सुआ और कर्मा नृत्य ने समारोह को यादगार बना दिया. विद्यार्थियों की प्रतिभा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की खूब सराहना हुई. शिक्षा, संस्कृति और नवाचार का यह संगम पूरे आयोजन की विशेष पहचान बना.

लूट के आरोपी को पुलिस ने दबोचा (Bastar News Update)

जगदलपुर. बस्तर पुलिस ने लूट की वारदात का खुलासा करते हुए एक आदतन अपराधी को गिरफ्तार किया है. घटना कोतवाली थाना क्षेत्र में सामने आई थी. आरोपी ने युवक से मारपीट कर मोबाइल और नकदी लूट ली थी. शिकायत मिलते ही पुलिस ने विशेष टीम बनाकर जांच शुरू की. मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में उसने वारदात स्वीकार कर ली. उसकी निशानदेही पर लूटा गया मोबाइल भी बरामद कर लिया गया. जांच में सामने आया कि आरोपी पहले भी आपराधिक मामलों में जेल जा चुका है. एनडीपीएस एक्ट के मामले में भी उसका रिकॉर्ड दर्ज है. पुलिस अब उसकी अन्य गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है. गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया. जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया.

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तेज रफ्तार ट्रक ने 14 मवेशियों की ली जान

सुकमा. सुकमा जिले के कोंटा क्षेत्र में तेज रफ्तार ट्रक ने बड़ा हादसा कर दिया. सड़क पर मौजूद मवेशियों के झुंड को ट्रक ने कुचल दिया. हादसे में 14 मवेशियों की मौके पर मौत हो गई. चार अन्य गंभीर रूप से घायल बताए गए हैं. घटना के बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी. प्राथमिकी दर्ज होते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी. आरोपी चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. ट्रक और उससे जुड़े दस्तावेज भी जब्त कर लिए गए. पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है. आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया. मामले की विस्तृत विवेचना अब भी जारी है. यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही के गंभीर परिणामों की याद दिलाता है.

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