Bastar News Update : सुकमा. सुकमा में धान खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदा गया करीब 2 करोड़ 68 लाख रुपये मूल्य का धान या तो रिकॉर्ड से गायब मिला या फिर खुले में पड़े-पड़े अमानक हो गया. जिला स्तरीय सत्यापन में 1115.86 मीट्रिक टन धान रिकॉर्ड से कम पाया गया, जबकि 1295.90 मीट्रिक टन धान डेढ़ साल तक उठाव नहीं होने से खराब हो गया. यह वही धान था, जिसे मिलिंग के बाद गरीब परिवारों तक चावल के रूप में पहुंचना था. विभाग ट्रांसपोर्टिंग लक्ष्य पूरा होने का तर्क दे रहा है, लेकिन सवाल उठ रहा है कि लक्ष्य पूरा होने के बाद धान की सुरक्षा और समय पर उठाव की जिम्मेदारी किसकी थी? कई स्तरों की निगरानी व्यवस्था के बावजूद करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्ति का नुकसान प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़ा प्रश्नचिह्न बन गया है. अब लोगों की नजर इस बात पर है कि नुकसान की जिम्मेदारी तय होगी या नहीं.
साइबर ठगी का नेटवर्क बेनकाब, केरल से जुड़े तीन आरोपी गिरफ्त में
दंतेवाड़ा. दंतेवाड़ा जिले के गीदम में 61 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी का खुलासा करते हुए पुलिस ने अंतर्राज्यीय गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग लोगों के नाम से बैंक खाते संचालित कर ठगी की रकम जमा करते थे और बाद में उसे क्रिप्टो करेंसी के जरिए आगे ट्रांसफर किया जाता था. विशेष टीम ने केरल पहुंचकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया. पूछताछ में कई बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन से जुड़े अहम सुराग मिले हैं. एक आरोपी गिरफ्तारी के बाद फरार भी हुआ, लेकिन अगले ही दिन दोबारा पकड़ लिया गया. पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है. यह कार्रवाई साइबर अपराध के बढ़ते नेटवर्क पर बड़ी सफलता मानी जा रही है.
सुरक्षा कमान में बदलाव, नए आईजी संभालेंगे नक्सल मोर्चे की जिम्मेदारी
जगदलपुर. बस्तर रेंज की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है. वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी बद्रीनारायण मीणा को नया पुलिस महानिरीक्षक नियुक्त किया गया है. वे आईजी सुंदरराज पी की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगे, जिन्हें प्रतिनियुक्ति पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी भेजा गया है. राजस्थान के जयपुर निवासी मीणा वर्ष 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर तथा रायगढ़ जैसे जिलों में पुलिस नेतृत्व का लंबा अनुभव रखते हैं. नक्सल प्रभावित बस्तर में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा अभियानों को लेकर उनकी नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अब उनकी रणनीति और मैदानी अनुभव पर पूरे संभाग की नजर रहेगी.
ठेका प्रक्रिया पर विवाद, स्थानीय ठेकेदारों ने उठाए पारदर्शिता के सवाल
बीजापुर. भोपालपटनम नगर पंचायत की दूसरी निविदा प्रक्रिया को लेकर स्थानीय ठेकेदारों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि बाहरी ठेकेदारों को गोपनीय तरीके से निविदा प्रपत्र उपलब्ध कराकर स्थानीय ठेकेदारों की अनदेखी की गई. करीब 23 विकास कार्यों की निविदा प्रक्रिया पर पक्षपात और अपारदर्शिता के आरोप लगाए गए हैं. लगभग 80 लाख रुपये के कार्य को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं. शिकायतकर्ताओं ने पूरी प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच, निविदा पर रोक और अनियमितता मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है. कलेक्टर ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है.
बिना दस्तावेज लकड़ी परिवहन पर कार्रवाई, ट्रक जब्त
दंतेवाड़ा. दंतेवाड़ा जिले में अवैध लकड़ी परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भांसी पुलिस ने देर रात एक 10 चक्का ट्रक जब्त किया. ट्रक में बिना वैध दस्तावेज के जामुन और सेमल की लकड़ी ले जाई जा रही थी. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार लकड़ी ग्राम पंचायत से रायपुर भेजी जा रही थी. ट्रक को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है, जहां तिरपाल हटाकर पूरे माल की जांच की जाएगी. विभाग यह भी पता लगा रहा है कि लकड़ी वन भूमि से काटी गई है या राजस्व भूमि से. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
नई लैब व्यवस्था पर सवाल, मरीजों और कर्मचारियों की बढ़ी चिंता
नारायणपुर. नारायणपुर जिला अस्पताल में वर्षों से संचालित सरकारी लैब व्यवस्था की जगह नई निजी लैब प्रणाली लागू होने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं. लाखों रुपये की आधुनिक सरकारी मशीनें हटाकर पैक कर दी गई हैं, जबकि नई व्यवस्था अभी प्रारंभिक चरण में है. पहले जहां अधिकांश जांच रिपोर्ट कुछ घंटों में मिल जाती थी, वहीं अब रिपोर्ट मिलने में कई दिन लगने की आशंका जताई जा रही है. सबसे अधिक चिंता दूरस्थ अबूझमाड़ क्षेत्र से आने वाले मरीजों को लेकर है, जिन्हें दोबारा अस्पताल आना पड़ सकता है. दूसरी ओर वर्षों से कार्यरत करीब 16 प्रशिक्षित कर्मचारियों के भविष्य को लेकर भी असमंजस बना हुआ है. अस्पताल प्रबंधन ने भरोसा दिलाया है कि नई व्यवस्था जल्द पूरी तरह सुचारु कर दी जाएगी.
बारिश की आस में परंपरा का सहारा, गांव-गांव हो रहा भीमा-भीमिन विवाह
जगदलपुर. बस्तर में कमजोर मानसून के कारण खेती प्रभावित होने लगी है. रोपा-बियासी के लिए पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसान पारंपरिक आस्था की ओर लौट रहे हैं. गांव-गांव में कृषि देव भीमा-भीमिन का विवाह रचाकर अच्छी बारिश की कामना की जा रही है. लोक परंपरा के अनुसार बारिश कम होने पर पूरे विधि-विधान से यह अनुष्ठान किया जाता है. मान्यता है कि इससे कृषि देव प्रसन्न होकर अच्छी वर्षा करते हैं. पुजारियों के अनुसार हर 10 से 12 वर्ष में भीमा-भीमिन की नई प्रतिमा स्थापित करने की भी परंपरा है. खेती पर मौसम की मार के बीच बस्तर में आस्था और परंपरा एक बार फिर किसानों की उम्मीद का सहारा बनी हुई है.

