बठिंडा। बठिंडा पुलिस ने भाजपा नेता और सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन डॉ. तरसेम गर्ग के होम्योपैथिक क्लीनिक पर पेट्रोल बम फेंकने के मामले की गुत्थी को सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बड़ी खबर है कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी भागने की कोशिश किए, जिसमें उन्हें काफी चोट आई है।

बाथरूम जाने के बहाने भागने की कोशिश पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस टीम दोनों को वापस बठिंडा ला रही थी, तो उन्होंने बाथरूम करने के बहाने बठिंडा-मुक्तसर हाईवे पर रोकने को कहा, इस दौरान ही वहां पुल से आरोपियों ने कूदकर भागने की कोशिश की। इस दौरान एक आरोपी की टांग और दूसरे की बाजू टूट गई। पुलिस ने दोनों को दोबारा गिरफ्तार कर सिविल अस्पताल बठिंडा में भर्ती कराया है।

सीसीटीवी से मिले सुराग एस.एस.पी. डॉ. जसवीर यादव की अगुवाई में CIA स्टाफ-2 और काउंटर इंटेलिजेंस टीमों ने सी.सी.टी.वी. फुटेज, टेक्निकल सबूत और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर घटना में शामिल तीन लोगों की पहचान कर ली गई है। पुलिस ने नाखुल कुमार राजपूत (21) और गुरविंदर सिंह उर्फ उली (22) दोनों गांव खुहिया सरवर, जिला फाजिल्का को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरा आरोपी संदीप सिंह अभी फरार है।

पहले कोई केस दर्ज नहीं

पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला है कि तीसरे आरोपी ने दोनों युवकों को क्लीनिक पर पेट्रोल बम फेंकने के लिए 3,000-3,000 रुपये देने का लालच दिया था। पुलिस का कहना है कि गहराई से पूछताछ में इस मामले में और भी अहम खुलासे होने की संभावना है। खास बात यह है कि तीनों आरोपियों के खिलाफ पहले कोई क्रिमिनल केस दर्ज नहीं है। इस संबंध में 23 जून को बठिंडा के थाना कोतवाली में अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था।