भिवानी। मुंबई में आयोजित भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की 95वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) दिव्यांग क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में देश के दिव्यांग क्रिकेटरों को मुख्यधारा से जोड़ने और उनके विकास के लिए राज्य क्रिकेट संघों को सक्रिय करने का निर्णय लिया गया। इस फैसले का फिजिकल चैलेंज्ड क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (PCCAI) ने स्वागत किया है।

PCCAI के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र लोहिया ने इस फैसले को दिव्यांग क्रिकेट के लिए नए दौर की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने बैठक में राज्य क्रिकेट संघों के साथ मिलकर दिव्यांग क्रिकेटरों के विकास के लिए ठोस कदम उठाने की जानकारी दी है।

राज्य क्रिकेट संघ उपलब्ध कराएंगे सुविधाएं

सुरेंद्र लोहिया के मुताबिक, अब राज्य क्रिकेट संघ दिव्यांग खिलाड़ियों को बेहतर बुनियादी ढांचा, प्रशिक्षण और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं, बेहतर मैदान और प्रशिक्षण की व्यवस्था उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी प्रतिभा को बेहतर तरीके से निखार सकें।

उन्होंने कहा कि यह पहल किसी एक टूर्नामेंट या टीम तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य देशभर में दिव्यांग क्रिकेट के दीर्घकालिक विकास के लिए व्यवस्था तैयार करना है। राज्य संघों के नेटवर्क से जुड़ने के बाद स्थानीय और राज्य स्तर के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाओं तक पहुंच मिलने की उम्मीद है।

40 साल के संघर्ष के बाद मिली बड़ी सफलता

लोहिया ने कहा कि दिव्यांग क्रिकेटरों के लिए यह फैसला करीब 40 वर्षों के संघर्ष के बाद मिली बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि BCCI का सीधा सहयोग मिलने से देशभर के दिव्यांग क्रिकेटरों में उत्साह बढ़ा है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में दिव्यांग खिलाड़ियों को भी बड़े स्तर की क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेलने के अधिक अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि BCCI के सहयोग से खिलाड़ियों को बेहतर मैदान, आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं मिलने का रास्ता खुलेगा।

28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खिलाड़ियों को फायदा

PCCAI से जुड़े 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के दिव्यांग क्रिकेटरों के लिए इस फैसले को महत्वपूर्ण अवसर के तौर पर देखा जा रहा है। लोहिया के अनुसार, राज्य स्तर पर बेहतर व्यवस्था बनने से ग्रामीण और जमीनी स्तर पर मौजूद प्रतिभाओं को आगे आने का मौका मिलेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य क्रिकेट संघों से जुड़ाव के जरिए दिव्यांग क्रिकेट को मजबूत आधार मिलेगा और देश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के अधिक अवसर मिल सकेंगे।

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