सुशीला देवी, गुरुग्राम। बीमा पॉलिसी का पैसा वापस दिलाने और लाभार्थी कोड ट्रांसफर करने का झांसा देकर करीब 1.19 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का गुरुग्राम पुलिस ने पर्दाफाश किया है। साइबर अपराध पश्चिम थाना पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।

पुलिस के अनुसार, 27 जुलाई को एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि अज्ञात लोगों ने खुद को बीमा लोकपाल का अधिकारी बताकर उसकी लैप्स बीमा पॉलिसियों के एवज में पहले 57 लाख रुपये दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद एजेंट कोड खत्म कर लाभार्थी कोड ट्रांसफर करने के नाम पर 1,03,77,220 रुपये दिलाने का लालच दिया गया। ठगों ने फाइल चार्ज, मेंटेनेंस चार्ज, ट्रांजैक्शन चार्ज और फुल एंड फाइनल शुल्क समेत अलग-अलग बहानों से पीड़ित से कुल करीब 1.19 करोड़ रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए।

पुलिस ने 5 अगस्त को भरत जनक सिंह कपाड़िया (68), मोहम्मद मोशिरुल हक (35), सुभाष कुमार (40) और साहिल गुसांई (19) को गिरफ्तार किया।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी आधार-पैन बनाकर बैंक खाता खुलवाया था। इसी खाते में करीब 43 लाख रुपये पहुंचे। पुलिस के मुताबिक साइबर कैफे संचालक सुभाष ने फर्जी दस्तावेज तैयार किए, जबकि अन्य आरोपियों ने रकम निकालने, सिम उपलब्ध कराने और ठगी की रकम को आगे पहुंचाने में भूमिका निभाई। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।