लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को राजधानी में आयोजित क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन (उत्तर क्षेत्र) के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए. कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थि थे. सीएम ने अपने संबोधन में कहा कि हमें पूर्ण विश्वास है कि यह सम्मेलन अन्नदाता किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होगा. हमारे अन्नदाता किसान इतने मेहनती हैं, इतनी व्यावहारिक जानकारी उनके पास है, हमें शासन की योजना के बारे में उन्हें थोड़ा अवगत कराना है और वे अपने आप ही उससे बेहतर परिणाम देने को तैयार हैं.

उत्तर प्रदेश में जहां कृषि विकास की दर 8 फीसदी थी, आज वो बढ़कर 18 फीसदी तक पहुंची है. कृषि और विनिर्माण में बेहतर समन्वय हो तो विकास उतना ही Speed Up होता है. उत्तर प्रदेश में आज 425 लाख मीट्रिक टन गेहूं, 211 लाख मीट्रिक टन चावल और 245 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन हो रहा है. उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में प्रत्येक कृषि विज्ञान केंद्र किसी न किसी इनोवेशन के साथ आगे आया है. प्रदेश के सभी 09 एग्रो-क्लाइमेटिक जोन में एक-एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से बेहतरीन कार्य किया जा रहा है.

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कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत

योगी ने कहा कि आज वैज्ञानिक स्थानीय स्तर पर किसानों के साथ बैठते हैं, कृषि विज्ञान केंद्रों में डेमोंस्ट्रेशन करते हैं और फिर खेतों में जाकर उनके परिणामों का अवलोकन करते हुए नियमित रूप से भ्रमण करते है. भारत सरकार के साथ उनका संवाद निरंतर बना हुआ है. इसी का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश में कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत तक पहुंच गई है. उन्होंने कहा कि प्रयोगशाला में किए गए अनुसंधान को जमीन तक लाने में समय लगता था. अब Lab को ही Land तक पहुंचा दिया गया है. योगी ने कहा कि इस अभिनव पहल के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का हृदय से धन्यवाद, जिन्होंने व्यावहारिक रूप से इसे धरातल पर उतारने का कार्य किया है.