भदोही. उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक विजय मिश्रा को भदोही की एमपी-एमएलए कोर्ट से जालसाजी और आपराधिक साजिश के एक मामले में राहत मिली है. विशेष अदालत ने उन्हें संदेह का लाभ देते हुए आरोपमुक्त कर दिया. न्यायाधीश पुष्पा सिंह की अदालत ने यह फैसला सुनाया. विजय मिश्रा फिलहाल आगरा जेल में बंद हैं. उनके खिलाफ कई अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज हैं.

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2010 में दर्ज हुआ था मुकदमा

यह मामला औराई कोतवाली में 22 अप्रैल 2010 को दर्ज किया गया था. मुकदमे में जालसाजी, आपराधिक साजिश और आबकारी अधिनियम से जुड़े आरोप शामिल थे. पुलिस ने मामले की जांच के बाद अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था. सुनवाई के बाद अदालत ने विजय मिश्रा को संदेह का लाभ देते हुए इस मामले में आरोपमुक्त कर दिया.

आगरा जेल में बंद हैं पूर्व विधायक

विजय मिश्रा वर्तमान में आगरा जेल में निरुद्ध हैं. उनके खिलाफ गायिका से दुष्कर्म समेत 60 से अधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी है. इनमें से करीब पांच मामलों में उन्हें सजा भी हो चुकी है. हालांकि, इस मामले में आरोपमुक्त होने का अर्थ केवल संबंधित मुकदमे से है. इससे उनके खिलाफ दर्ज दूसरे मामलों की कानूनी स्थिति पर कोई स्वत: प्रभाव नहीं पड़ता.

चार बार विधायक रहे विजय मिश्रा

विजय मिश्रा भदोही जिले की ज्ञानपुर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी और निषाद पार्टी के टिकट पर चार बार विधायक चुने गए. वह जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख के पद पर भी रह चुके हैं. उनकी पत्नी रामलली मिश्रा भी जिला पंचायत अध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य रह चुकी हैं.

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परिवार की संपत्तियां भी हो चुकी हैं कुर्क

प्रदेश में योगी सरकार के दौरान माफिया के खिलाफ कार्रवाई के तहत विजय मिश्रा के परिवार की करीब सवा दो अरब रुपये की संपत्तियां गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किए जाने की जानकारी है. विजय मिश्रा के खिलाफ दर्ज विभिन्न मुकदमों और संपत्ति संबंधी कार्रवाई के चलते उनका मामला प्रदेश की राजनीति और कानून-व्यवस्था से जुड़े चर्चित मामलों में रहा है. भदोही की अदालत के ताजा फैसले से उन्हें एक मुकदमे में राहत मिली है, जबकि अन्य मामलों की कानूनी प्रक्रिया अलग-अलग जारी रहेगी.