​भागलपुर। बबरगंज थाना क्षेत्र के अलीगंज अंबाबाग पासी टोला में थाना के एक चालक द्वारा रंगदारी मांगने और महिला के साथ दुर्व्यवहार करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले के सोशल मीडिया पर वायरल होने और मीडिया में प्रमुखता से उठाए जाने के बाद जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह से हरकत में आ गया है। इस गंभीर प्रकरण पर संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं।

​क्या है पूरा मामला?

​हाल ही में अलीगंज अंबाबाग पासी टोला के स्थानीय निवासियों ने बबरगंज थाना में तैनात एक पुलिस चालक पर गंभीर आरोप लगाए थे। ग्रामीणों के अनुसार, आरोपी चालक ने उनसे रंगदारी की मांग की और विरोध करने पर अभद्र व्यवहार किया। सबसे गंभीर आरोप एक महिला द्वारा लगाया गया, जिसमें चालक पर दुर्व्यवहार और छेड़खानी करने की बात कही गई है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।

​प्रशासन की प्रतिक्रिया और प्रेस विज्ञप्ति

​मामले की गंभीरता को देखते हुए भागलपुर जिला जनसंपर्क कार्यालय द्वारा प्रेस विज्ञप्ति संख्या-1770 जारी की गई। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) नगर-1 राकेश कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलने पर एक पुलिस दल को छापेमारी और आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजा गया था। उन्होंने स्वीकार किया कि कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों के विरोध और विवाद की स्थिति बनी थी। पुलिस के अनुसार, उस दौरान उत्पन्न हुए गतिरोध के बाद ही ये आरोप सामने आए हैं।

​निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का भरोसा

​SDPO राकेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन इन आरोपों को बेहद गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग हर पहलू की गहन जांच कर रहा है। जांच प्रक्रिया में सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और उपलब्ध साक्ष्यों (Evidence) का बारीकी से विश्लेषण किया जाएगा।
​SDPO ने आश्वासन दिया कि जांच प्रतिवेदन (Report) मिलते ही कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यदि जांच में चालक या किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक जानकारी को ही सही मानें।
​वर्तमान में पूरे क्षेत्र की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि मीडिया की सक्रियता और प्रशासन की तत्परता से इस मामले का दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।