कुंदन कुमार/​पटना। राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने आज अपनी माताजी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से मुलाकात की। हाल ही में उनकी सुरक्षा को लेकर चल रही अटकलों और मीडिया रिपोर्ट्स के बीच बाहर निकलते ही तेज प्रताप ने इन चर्चाओं पर विराम लगाने का प्रयास किया और अपनी बात स्पष्ट रूप से रखी।

​सुरक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट की

​मीडिया से बातचीत करते हुए तेज प्रताप यादव ने स्पष्ट किया कि उनकी सुरक्षा वापस नहीं ली गई है। उन्होंने बताया कि सुरक्षाकर्मी उन्हें बार-बार ऐसे पत्र दिखा रहे थे, जिनमें कमांड काटने की बात कही गई थी। तेज प्रताप ने जोर देकर कहा कि उनकी माता राबड़ी देवी ने कोई सुरक्षा नहीं हटाई है और न ही इस मामले में उनका कोई हस्तक्षेप है। उन्होंने पूरी प्रक्रिया में तकनीकी या प्रशासनिक संशय की ओर इशारा किया है।

​व्यक्तिगत मुलाकात का कारण

​राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात को लेकर अलग-अलग मायने निकाले जा रहे थे लेकिन तेज प्रताप ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया। उन्होंने कहा मेरी माता जी अस्वस्थ चल रही हैं इसलिए मैं उनसे हाल-चाल जानने और उनका आशीर्वाद लेने आया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से पारिवारिक और व्यक्तिगत भेंट थी।

​बिहार की कानून-व्यवस्था पर तंज

​तेज प्रताप ने इस अवसर का उपयोग करते हुए बिहार की वर्तमान कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनकी सुरक्षा से ज्यादा महत्वपूर्ण बिहार की बहू-बेटियों की सुरक्षा है। उन्होंने सरकार को आईना दिखाते हुए कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक है और सरकार को अपनी प्राथमिकताएं तय करने की आवश्यकता है।
​तेज प्रताप यादव का यह बयान न केवल उनके पारिवारिक सौहार्द को दर्शाता है बल्कि एक जिम्मेदार राजनेता के रूप में राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर उनका कड़ा रुख भी स्पष्ट करता है। फिलहाल सुरक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति बरकरार है और प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।