Bastar News Update, बस्तर। प्रयागराज से विशाखापत्तनम के बीच सफर करने वालों के लिए रेलवे ने बड़ा विकल्प दिया है। रेलवे ने दोनों शहरों के बीच स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। गाड़ी नंबर 04159 प्रयागराज–विशाखापत्तनम टीओडी स्पेशल एक्सप्रेस 14 अगस्त से शुरू होगी। यह ट्रेन 27 नवंबर 2026 तक हर शुक्रवार प्रयागराज से रवाना होगी। प्रयागराज से सुबह 10 बजकर 15 मिनट पर चलकर ट्रेन शनिवार दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर विशाखापत्तनम पहुंचेगी। वापसी में 04160 विशाखापत्तनम–प्रयागराज स्पेशल शनिवार शाम 3 बजकर 40 मिनट पर रवाना होगी। यह ट्रेन रविवार शाम 5 बजकर 30 मिनट पर प्रयागराज पहुंचेगी।

रास्ते में मानिकपुर, सतना, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, पेंड्रा रोड और बिलासपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव रहेगा। इसके अलावा रायगढ़, झारसुगुड़ा रोड, संबलपुर, टिटलागढ़, कुनेरू, पार्वतीपुरम और विजयनगरम भी इसके प्रमुख ठहराव होंगे। ट्रेन में एसी, थर्ड एसी इकोनॉमी, स्लीपर और सामान्य श्रेणी के कोच रखे गए हैं। दिव्यांग यात्रियों के लिए लगेज-कम-दिव्यांग कोच की सुविधा भी रहेगी। प्रयागराज और विशाखापत्तनम के बीच यह सेवा यात्रियों के लिए अतिरिक्त रेल विकल्प उपलब्ध कराएगी। खासकर लंबे सफर करने वाले यात्रियों को इस स्पेशल ट्रेन से सुविधा मिलने की उम्मीद है।

तीन महीने में उखड़ी सड़क, गुणवत्ता पर सवाल

बीजापुर–सुकमा। बस्तर में सड़क सिर्फ आवागमन का रास्ता नहीं, बल्कि सुरक्षा और विकास की बड़ी जरूरत है। लेकिन बीजापुर-सुकमा सीमा पर बनी एक महत्वपूर्ण सड़क शुरुआती दौर में ही सवालों के घेरे में आ गई है। तर्रेम से कोंडापल्ली तक करीब 18 किलोमीटर सड़क पर कराया गया ब्लैक टॉप कई जगह से उखड़ने लगा है। बताया जा रहा है कि सड़क का एक हिस्सा करीब दो से तीन महीने पहले ही तैयार किया गया था। अब सड़क खराब होने के बाद संबंधित हिस्सों में दोबारा मरम्मत का काम कराया जा रहा है। इस सड़क को नक्सल प्रभावित इलाके में रणनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जाता है। सड़क का निर्माण सीमा सड़क संगठन की देखरेख में कराया जा रहा है।

निर्माण कंपनी के सुपरवाइजर जागेश्वर साहू ने बताया कि करीब पांच किलोमीटर हिस्से में बीटी का काम कराया गया था। उनके मुताबिक जहां सड़क उखड़ी है, वहां दोबारा सुधार और मरम्मत की जा रही है। वहीं बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है।

तकनीकी जानकारों के मुताबिक ब्लैक टॉप से पहले सड़क की आधार परत को पर्याप्त समय देना जरूरी होता है। ऐसे में सवाल यह है कि सड़क इतनी जल्दी खराब क्यों हुई और इसकी गुणवत्ता की जांच कैसे हुई। अब निगाह इस बात पर है कि संबंधित एजेंसी सड़क की मरम्मत के साथ गुणवत्ता की जिम्मेदारी भी तय करती है या नहीं।

पुरानी रंजिश में टंगिया से हमला, आरोपी गिरफ्तार

नारायणपुर में पुरानी रंजिश ने एक युवक की जान को खतरे में डाल दिया। कुकड़ाझोर थाना क्षेत्र में बैठक के दौरान शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर बाद हिंसक हो गया। पुलिस के मुताबिक 2 अगस्त की शाम गांव में आयोजित बैठक में आरोपी राजकुमार कावड़े की प्रार्थी से बहस हुई। आरोप है कि विवाद के दौरान आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके कुछ देर बाद आरोपी युवक के घर पहुंचा और टंगिया से उसके सिर पर हमला कर दिया। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने घायल को तत्काल जिला अस्पताल नारायणपुर पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है। मामला दर्ज करने के बाद पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुट गई।

मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल टंगिया भी बरामद कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस अब मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

बारिश ने सामने लाई महिमागवाड़ी की तीन बड़ी परेशानियां

नारायणपुर का महिमागवाड़ी गांव बारिश के साथ एक बार फिर अपनी पुरानी समस्याओं से जूझ रहा है। सड़क बाधित हुई तो किसानों की फसल बर्बाद हुई और मोबाइल नेटवर्क ने भी ग्रामीणों का साथ छोड़ दिया। लगातार बारिश के कारण गांव का मुख्य संपर्क मार्ग प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि स्थायी पुल नहीं होने के कारण बारिश में गांव का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट जाता है। इसका सीधा असर मरीजों, विद्यार्थियों और रोजमर्रा के काम से बाहर जाने वाले लोगों पर पड़ता है। 28 और 29 जुलाई की भारी बारिश ने सब्जी उत्पादक किसानों को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया।

ग्रामीणों के मुताबिक खेतों में तैयार सब्जियों की फसल बर्बाद हो गई, लेकिन नुकसान का समुचित सर्वे अब तक नहीं हुआ। किसानों ने फसल क्षति का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है। दूसरी बड़ी परेशानी गांव में मोबाइल नेटवर्क की है। ग्रामीणों का कहना है कि नेटवर्क के लिए कई बार उन्हें गांव से दूर जाना पड़ता है। इसका असर पढ़ाई, मौसम की जानकारी, ऑनलाइन सेवाओं और सरकारी योजनाओं तक पहुंच पर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पुल, नेटवर्क और फसल नुकसान के समाधान की मांग की। कलेक्टर ने नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया है, जबकि ग्राम पंचायत आगामी ग्रामसभा में पुल निर्माण का प्रस्ताव भेजने की बात कह रही है।

बारसूर से राष्ट्रीय फुटबॉल मंच तक पहुंचेंगे 65 खिलाड़ी

दंतेवाड़ा। बस्तर के बारसूर में खेल प्रतिभाओं का ऐसा संगम देखने को मिला, जहां मैदान से राष्ट्रीय स्तर का रास्ता खुला है। पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय बारसूर में भुवनेश्वर संभाग स्तरीय फुटबॉल चयन प्रतियोगिता आयोजित हुई। 5 और 6 अगस्त को हुई प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के 38 विद्यालयों के 327 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इनमें 270 बालक और 57 बालिकाएं शामिल रहीं। अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 वर्ग में खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए अपनी दावेदारी पेश की।

प्रतियोगिता के बाद 39 बालक और 26 बालिकाओं का चयन राष्ट्रीय स्तर के लिए किया गया है। चयनित खिलाड़ी अब असम के डिब्रूगढ़ और सोनितपुर में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। राष्ट्रीय प्रतियोगिता 20 से 22 अगस्त तक आयोजित होगी। इसके लिए चयनित खिलाड़ियों का प्रशिक्षण शिविर बारसूर में ही लगाया गया है। 16 अगस्त को टीमें राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए रवाना होंगी।

ओडिशा से आए कोच और शिक्षकों ने बारसूर की व्यवस्थाओं और वातावरण की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यहां पहुंचने के बाद बस्तर को लेकर उनकी पहले की धारणा बदली है। बारसूर में आयोजित यह प्रतियोगिता सिर्फ खेल आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर की खेल प्रतिभा और सकारात्मक पहचान को सामने लाने का भी मंच बनी है।

अबूझमाड़ में 8 अगस्त से थम सकती है बस सेवा

नारायणपुर। अबूझमाड़ की सड़क की बदहाली अब सीधे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डालने जा रही है नारायणपुर–ओरछा मार्ग पर बस संचालकों ने 8 अगस्त से यात्री बसें नहीं चलाने का फैसला किया है।

बस ऑपरेटरों का कहना है कि सड़क की खराब हालत के कारण वाहनों को लगातार नुकसान हो रहा है। बारिश के बाद सड़क पर गड्ढों और कीचड़ की स्थिति और ज्यादा खराब हो गई है। बसों के टायर, सस्पेंशन और दूसरे हिस्सों की मरम्मत पर लगातार खर्च बढ़ रहा है। संचालकों के मुताबिक यात्रियों की सुरक्षा भी उनके लिए बड़ी चिंता बन गई है। लेकिन इस फैसले का सबसे बड़ा असर अबूझमाड़ के आम लोगों पर पड़ सकता है। दूरदराज के ग्रामीण इसी मार्ग से अस्पताल, स्कूल, कॉलेज, बाजार और सरकारी दफ्तरों तक पहुंचते हैं। बस सेवा बंद होने से मरीजों और विद्यार्थियों के साथ छोटे व्यापारियों की मुश्किल भी बढ़ सकती है।

बस संचालकों का कहना है कि सड़क की समस्या को लेकर पहले भी संबंधित अधिकारियों का ध्यान खींचा गया था। लेकिन स्थायी समाधान नहीं होने के कारण अब सेवा बंद करने की स्थिति बनी है। नारायणपुर–ओरछा मार्ग सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि अबूझमाड़ की जीवनरेखा है। अब सवाल यही है कि बस सेवा बंद होने से पहले प्रशासन इस मार्ग को लेकर क्या ठोस कदम उठाता है।

वार्डों के विकास कार्यों पर नगर निगम की सख्ती

जगदलपुर शहर में विकास कार्य अब सिर्फ मंजूरी और कागजों तक सीमित न रहें, इसे लेकर नगर निगम ने निगरानी बढ़ाने के संकेत दिए हैं। महापौर संजय पांडे ने एमआईसी बैठक में वार्डवार विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्यों और उनकी गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।

महापौर ने कहा कि किसी भी निर्माण में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों से निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा करने को कहा। साथ ही निर्माण की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। बैठक में एमआईसी सदस्यों और पार्षदों से उनके वार्डों में चल रहे कामों की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली गई।

महापौर ने साफ किया कि सिर्फ कागजों में प्रगति दिखाने से काम पूरा नहीं माना जाएगा। निर्माण कार्य धरातल पर दिखाई देने चाहिए और लंबे समय तक टिकाऊ भी होने चाहिए। जिन वार्डों में काम धीमी गति से चल रहे हैं, उन्हें प्राथमिकता से पूरा कराने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्माण एजेंसियों के काम की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में नगर निगम के अधिकारी, एमआईसी सदस्य और विभिन्न वार्डों के पार्षद मौजूद रहे। अब देखने वाली बात होगी कि समीक्षा बैठक के बाद शहर के अधूरे और धीमे विकास कार्यों की रफ्तार कितनी तेज होती है।

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