भागलपुर। नगर निगम परिसर में बुधवार को एक अनोखा और मुखर विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। नगर निगम की बैठक के दौरान मेयर, डिप्टी मेयर और तमाम पार्षदों ने अपने सीने पर काला बिल्ला लगाकर शिरकत की और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। पार्षदों का मुख्य मुद्दा कुछ साल पहले नगर निगम की तरफ से ही एक पार्षद के खिलाफ दर्ज कराया गया पुराना मुकदमा था। इस मुकदमे को तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाने की पुरजोर मांग की गई। विरोध प्रदर्शन के दौरान हाथों में तख्तियां ली गईं, जिन पर स्पष्ट रूप से लिखा हुआ था हम जनप्रतिनिधि हैं, अपराधी नहीं।

​सदन में पार्षदों की एकजुटता और मुख्य मांग

​नगर निगम के सदन में इस पुराने मामले को लेकर पार्षदों के बीच एक लंबी और गंभीर सामूहिक चर्चा हुई। सभी पार्षदों का एक सुर में यह कहना था कि वे शहर के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने और आम जनता की समस्याओं को सदन के पटल पर पुरजोर तरीके से उठाने के लिए चुने गए हैं। ऐसे में किसी पुराने विवाद या मामले के चलते किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि के खिलाफ मुकदमे का लंबित रहना पूरी तरह से अनुचित है। पार्षदों ने इस मुद्दे पर अपनी एकजुटता का पूरा प्रदर्शन करते हुए सर्वसम्मति से उस मुकदमे को वापस लेने की मांग का समर्थन किया।
​पार्षदों ने स्पष्ट किया कि उनका यह काला बिल्ला लगाकर विरोध जताना किसी संस्था, प्रशासन या व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह अपने साथी जनप्रतिनिधि के हक की आवाज है। उनका उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि जनप्रतिनिधियों का मनोबल न टूटे और वे बिना किसी कानूनी दबाव के जनता की सेवा करते रहें।

​मेयर और डिप्टी मेयर की मौजूदगी में बनी आगे की रणनीति

​इस पूरी बैठक की अध्यक्षता कर रही महापौर वसुंधरा लाल और उप महापौर की मौजूदगी में इस संवेदनशील मुद्दे पर विस्तार से मंथन किया गया। पार्षदों ने सामूहिक रूप से यह निर्णय लिया कि इस मामले के सभी पहलुओं से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला जाएगा। साथ ही, इस मामले को संबंधित उच्च अधिकारियों और सक्षम स्तर तक पहुंचाया जाएगा ताकि मुकदमे की वर्तमान कानूनी स्थिति का आकलन करके इसे वापस लेने की दिशा में ठोस और सकारात्मक कार्रवाई की जा सके।

​समाधान के लिए हरसंभव प्रयास का भरोसा

​नगर निगम की इस विशेष बैठक में केवल मुकदमा वापसी की मांग तक ही बात सीमित नहीं रही, बल्कि इसके समाधान के लिए एक ठोस रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में पूर्व में हुई कार्रवाई और पुराने रिकॉर्ड्स को ध्यान में रखते हुए आगे की प्रक्रिया तय की गई।
​बैठक के अंत में भागलपुर की महापौर वसुंधरा लाल ने मीडिया और पार्षदों को संबोधित करते हुए आश्वासन दिया कि सभी पार्षदों की इस जायज मांग को गंभीरता से सुन लिया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मामले के न्यायसंगत और सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए प्रशासन के स्तर पर हरसंभव प्रयास किया जाएगा, ताकि नगर निगम के कामकाज में किसी तरह की बाधा न आए और जनप्रतिनिधि अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ कर सकें।