भागलपुर। जिले से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक कुख्यात अपराधी ने अपराध की दुनिया से तौबा करने की सार्वजनिक शपथ ली है। गंगा के तट पर बैठकर हाथ में पवित्र गंगाजल लेकर युवक द्वारा हथियार छोड़ने की कसम खाने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

​अपराध छोड़ने का लिया संकल्प

​वीडियो में दिख रहा युवक खुद को कैलाश मंडल बता रहा है। वह कैमरे के सामने गंगाजल हाथ में लेकर पूरे दृढ़ निश्चय के साथ कह रहा है कि वह अब अपराध की दुनिया से पूरी तरह दूरी बना रहा है। उसने शपथ ली है कि वह भविष्य में दोबारा कभी हथियार नहीं उठाएगा और एक सामान्य नागरिक की तरह जीवन व्यतीत करेगा। हालांकि, वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। उल्लेखनीय है कि कैलाश मंडल का नाम हत्या, रंगदारी और लूट जैसे गंभीर आपराधिक मामलों में चर्चा में रहा है।

​पुलिसिया दबाव या डर?

​स्थानीय सूत्रों और क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि अपराधियों के इस कदम के पीछे पुलिस की बढ़ती सख्ती है। हाल के दिनों में भागलपुर और आसपास के इलाकों में पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। सुल्तानगंज में हुए एक चर्चित पुलिस एनकाउंटर, जिसमें सभापति हत्याकांड का मुख्य आरोपी कुख्यात रामधनी यादव मारा गया था, के बाद से अपराधियों के खेमे में खौफ का माहौल है।
​जानकारों का मानना है कि पुलिस एनकाउंटर और लगातार हो रही छापेमारी के डर से कई अपराधी या तो भूमिगत हो गए हैं या फिर इस तरह के सार्वजनिक मंचों के जरिए अपराध छोड़ने का नाटक कर रहे हैं ताकि पुलिस की कार्रवाई से बच सकें।

​प्रशासन की जांच जारी

​इस वायरल वीडियो को लेकर अभी तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पुलिस अधिकारी इस बात की पुष्टि करने में जुटे हैं कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति वास्तव में वही कैलाश मंडल है या नहीं। साथ ही, वीडियो कब और किस परिस्थिति में बनाया गया है, इसकी तकनीकी जांच भी की जा रही है। बहरहाल, यह वीडियो पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इस घटना को पुलिस के बढ़ते दबदबे का परिणाम मान रहे हैं। कानून के जानकारों का कहना है कि किसी भी अपराधी की यह शपथ तब तक कोई मायने नहीं रखती जब तक कि वह कानूनी रूप से सरेंडर कर अपने लंबित मामलों का सामना न करे।