सिद्धार्थ शरद/हाजीपुर, बिहार: वैशाली जिले के हाजीपुर स्थित औद्योगिक थाना क्षेत्र के हिलालपुर गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब हत्या की नीयत से पहुंचे एक सुपारी किलर को ग्रामीणों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। अपराधी के पास से हथियार और नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं। ग्रामीणों की सक्रियता से एक बड़ी वारदात होने से टल गई।
क्या है पूरा मामला?
हिलालपुर गांव में हथियारों से लैस एक युवक को संदिग्ध अवस्था में घूमते देख ग्रामीणों को शक हुआ। ग्रामीणों ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से एक देसी कट्टा, कारतूस और भारी मात्रा में नशीला पदार्थ ‘हेरोइन’ बरामद हुआ। पकड़े गए अपराधी की पहचान राजापाकर थाना क्षेत्र के चकियारी गांव निवासी भूषण कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसे 50 हजार रुपये की सुपारी देकर रंजीत कुमार यादव के भाई सुभाष कुमार यादव की हत्या के लिए भेजा गया था।
पुरानी रंजिश और ‘मौत के बदले मौत’ का खेल
यह पूरा मामला पुरानी रंजिश का परिणाम है। सूत्रों के अनुसार, 2024 में दो दोस्तों के बीच विवाद हुआ था। उस समय अमरजीत और अंकित सिंह ने रंजीत कुमार यादव की आंख में नुकीली कील घोंपकर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। कुछ समय बाद रंजीत ने इसका बदला अमरजीत की गोली मारकर हत्या करके लिया। इस मामले में रंजीत जेल भी गया, लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद भी दुश्मनी खत्म नहीं हुई।
अंकित सिंह और उसके परिवार ने रंजीत और उसके भाई सुभाष की रेकी करवानी शुरू कर दी थी। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि इस पूरे खूनी खेल का मास्टरमाइंड अंकित और अमरजीत का चाचा पंकज सिंह है। पंकज ने ही सुभाष की हत्या के लिए भूषण कुमार को सुपारी दी थी।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही औद्योगिक थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद अपराधी को भीड़ से सुरक्षित निकालकर थाने ले गई। थाना प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी से पूछताछ की जा रही है और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर ली गई है। जल्द ही सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ग्रामीणों की इस बहादुरी और सतर्कता की इलाके में खूब चर्चा हो रही है। फिलहाल गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

