अतीश दीपंकर, भागलपुर। जिले में छात्र आंदोलन की आड़ में हुई हिंसा और उपद्रव के मामलों में पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस लगातार सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है।

​तिलकामांझी चौक बवाल और नामजद प्राथमिकी

​भागलपुर के व्यस्त और संवेदनशील माने जाने वाले तिलकामांझी चौक पर हाल ही में हुए भारी बवाल और हिंसा के मामले में पुलिस ने एक्शन लिया है। इस मामले में अब तक 49 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी है। इसके अलावा, इस पूरी घटना में शामिल करीब 500 अज्ञात उपद्रवियों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस का मानना है कि छात्र आंदोलन की आड़ में कुछ असामाजिक तत्वों ने सुनियोजित तरीके से शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश की थी।

​ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां और पुलिस एक्शन

​हिंसा के बाद से ही भागलपुर पुलिस ने संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी थी। पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 41 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं, जिन लोगों की संलिप्तता कम पाई गई या जिन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था, उनमें से 16 लोगों को उचित बॉन्ड भरवाकर छोड़ दिया गया है। पुलिस की यह कार्रवाई लगातार जारी है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।

​155 संदिग्ध उपद्रवियों की तस्वीरें सार्वजनिक

​जांच को आगे बढ़ाते हुए और आम जनता की मदद लेने के लिए पुलिस ने 155 संदिग्ध उपद्रवियों की तस्वीरें सार्वजनिक की हैं। इन सभी पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने, अंधाधुंध पथराव करने और पुलिस तथा सरकारी वाहनों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त करने का गंभीर आरोप है। प्रशासन ने इन तस्वीरों को शहर के कई प्रमुख स्थानों और सोशल मीडिया पर साझा किया है।

​एसएसपी प्रमोद कुमार का कड़ा संदेश

​मामले की गंभीरता को देखते हुए भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सभी उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और शांति भंग करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
​एसएसपी प्रमोद कुमार ने भागलपुर की आम जनता से भी एक विशेष अपील की है। उन्होंने कहा है कि यदि पुलिस द्वारा जारी की गई तस्वीरों में से किसी भी चेहरे की पहचान आम नागरिक को होती है, तो वे इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके और शहर में शांति व कानून का राज कायम रहे।