धूरी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब के शिक्षा के स्तर को लगातार सुधारने का प्रयास कर रहे हैं. इसके साथ ही आने वाली पीढ़ी को उनकी योग्यता के आधार पर नौकरी देने का वादा किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है.

सरकारी स्कूलों के सुधार कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और सरकार द्वारा युवाओं के लिए करियर के नए रास्ते खोले जा रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि उनकी सरकार द्वारा युवाओं को रिश्वत और फरमाइश के बिना पूरी तरह योग्यता के आधार पर 70,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा, “शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ डिग्री-धारक पैदा करना ही नहीं बल्कि ऐसे जागरूक, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है जो समाज में सार्थक योगदान दे सकें. उन्होंने कहा कि संगीत, नृत्य, थिएटर, साहित्य और लोक कलाओं जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों में भावनात्मक समझ, रचनात्मक सोच, आपसी सम्मान और सहयोग की भावना पैदा करने में सहायक होती हैं, जो प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए बेहद जरूरी हैं.

धूरी के गांव बरड़वाल स्थित देश भगत कॉलेज में युवा मेले के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओ में ऊर्जा भरने वाला भाषण दिया. उन्हें शिक्षा और कड़ी मेहनत पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया. इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पंजाब को ऐसे चुने हुए प्रतिनिधियों की जरूरत है जो लोगों के दुखों और समस्याओं को समझ सकें.

इस मौके की कुछ यादें साझा करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘X’ पर लिखा: “आज मुझे धूरी हल्के के गांव बरड़वाल स्थित देश भगत कॉलेज में करवाए गए क्षेत्रीय युवा मेले के दौरान युवाओं से रूबरू होने का मौका मिला. उनके उत्साह और कलात्मक हुनर को देखकर मुझे अपने शुरुआती दिनों की याद आ गई, क्योंकि मेरा सफर भी ऐसे ही मंचों से शुरू हुआ था युवाओं को मेरी सलाह है कि इन मुकाबलों में हिस्सा लेना ही अपने आप में सबसे बड़ी जीत है. जो जीतते हैं, उन्हें नम्र रहना चाहिए और जो हार जाते हैं उन्हें और कड़ी मेहनत करनी चाहिए. हमारी सरकार ने बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के युवाओं को 70,000 से अधिक नौकरियां दी हैं तुम बस अपनी पढ़ाई और कड़ी मेहनत पर ध्यान दो. पंजाब सरकार हर कदम पर तुम्हारे साथ खड़ी है.

युवाओ का हुनर पंजाब की पूंजी

इस मौके पर जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, युवाओं की ऊर्जा, हुनर और रचनात्मकता पंजाब की सबसे बड़ी पूंजी हैं और सूबे का भविष्य इन गुणों को निखारने और युवाओं को जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के सार्थक अवसर प्रदान करने पर निर्भर करता है. मुख्यमंत्री ने कहा, “शिक्षा क्लासरूम, पाठ्यपुस्तकों और परीक्षा के नतीजों से परे होनी चाहिए. असली शिक्षा स्वतंत्र सोच, जिम्मेदारी की मजबूत भावना, अपनी सांस्कृतिक जड़ों के प्रति सम्मान और अपने सपनों को पूरा करने की हिम्मत वाले आत्मविश्वासी व्यक्ति पैदा करने में है.

युवा मेलों के महत्व को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे समागम विद्यार्थियों को अपने छिपे हुए हुनरों का पता लगाने, झिझक को दूर करने, आत्म-विश्वास विकसित करने और अनुशासन, टीम वर्क और स्वस्थ मुकाबले में बहुमूल्य सबक सीखने के योग्य बनाते हैं. उन्होंने आगे कहा, “यह मंच विद्यार्थियों को एक दूसरे से सीखने, अपने सोच के दायरे को बड़ा करने और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए अपने आप को तैयार करने में मदद भी करते हैं.

हर विद्यार्थी में है योग्यता

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हर विद्यार्थी में विशिष्ट योग्यताएं और क्षमता होती है. हालात और अवसर चाहे कैसे भी हों, पर दृढ़ इरादा, समर्पण और कड़ी मेहनत से युवा सभी रुकावटों को पार करके कामयाब हो सकते हैं. उन्होंने आगे कहा, शिक्षण संस्थानों की यह जिम्मेदारी है कि वे इस क्षमता की पहचान करें, सही माहौल प्रदान करें और यह सुनिश्चित करें कि हौसला-अफजाई की कमी के कारण कोई भी प्रतिभा अनदेखी न रहे. उन्होंने कहा, “‘रंगला पंजाब’ तभी बनाया जा सकता है जब हमारे युवाओं को ज्ञान, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और उद्देश्य की मजबूत भावना से सक्षम बनाया जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रतिभा को प्रोत्साहित करने, सांस्कृतिक विविधता का जश्न मनाने और सकारात्मक मूल्यों को पैदा करने वाले प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों को सक्षम नेता और जिम्मेदार नागरिकों में बदलने में मदद करते हैं. उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, कड़ी मेहनत करने और कभी भी अपनी क्षमता को कम न आंकने की अपील की.

युवाओं को नए अवसरों को अपनाते हुए अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के युवाओं की इच्छाएं और उपलब्धियां सूबे के भविष्य को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी.