मोहाली. आम जनता पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के जीवन से जुड़े हर पल को जान पाएंगे और देख भी पाएंगे. उनके जीवन और राजनीतिक सफर को अब डॉक्यूमेंट्री फिल्म में दिखाया जाएगा.‘फ्रॉम सतौज टू पार्लियामेंट’ नाम डॉक्यूमेंट्री 30 अगस्त को सात भाषाओं में रिलीज होगी. इसका जानकारी खुद सीएम भगवंत मान ने दी है.

उन्होंने गुरुवार देर शाम डॉक्यूमेंट्री का ट्रेलर सोशल मीडिया पर शेयर किया. जिसे देखने के बाद ढेरों से sms आने लगे. इस डॉक्यूमेंट्री में मान ने अपने सफर को गांव की मिट्टी से जुड़े एक व्यक्ति, लोगों को हंसाने वाले व्यंग्यकार और मुख्यमंत्री के रूप में नई पहचान बनाने वाले नेता की कहानी बताया है.

बच्चों की झलक

डॉक्यूमेंट्री में भगवंत मान के जीवन के ऐसी चीजों को भी हम जान पाएंगे जो शायद सिर्फ मुख्यमंत्री के परिजनों को ही पता है. इस फिल्म में अलग-अलग पड़ावों को जोड़ने की कोशिश की गई है. संगरूर जिले के गांव सतौज में बिताए बचपन से लेकर मनोरंजन की दुनिया में उनके करियर, राजनीति में प्रवेश और मुख्यमंत्री बनने तक का सफर दिखाया गया है. इसमें पीपल्स पार्टी ऑफ पंजाब से राजनीति की शुरुआत, आम आदमी पार्टी से जुड़ना, 2014 और 2019 में लोकसभा चुनाव जीतना और 2022 में पंजाब के मुख्यमंत्री बनने तक की कहानी शामिल है.

पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में डॉक्यूमेंट्री की 30 अगस्त को होने वाली रिलीज की टाइमिंग को राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है. फिल्म में भगवंत मान के एक शिक्षक के बेटे के रूप में साधारण शुरुआती जीवन से लेकर मुख्यमंत्री बनने तक के सफर के साथ उनकी सरकार के कामकाज को भी प्रमुखता से दिखाया गया है. मुख्यमंत्री ने अपने पढ़ाई को किस तरह पूरा किया, वह कैसे राजनीति में आगे आए और कैसे उन्होंने मुख्यमंत्री की हासिल की ये सब डॉक्यूमेंट्री में नजर आया है.

दोस्तों की यादे

डॉक्यूमेंट्री में उनके परिवार और उनके साथ बताई यादें दिखाई जा रही है. उनकी बहन मनप्रीत कौर, मां हरपाल कौर और मनोरंजन जगत से जुड़े दोस्तों की यादें और बातचीत भी शामिल हैं. इनके जरिए ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर पंजाब के मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने की कहानी बताई जाएगी.

योजना भी दिखीं फिल्म में

डॉक्यूमेंट्री में मान सरकार की कुछ प्रमुख योजनाओं और पहलों को भी जगह दी गई है. इनमें नहरों का पानी सिंचाई नेटवर्क के आखिरी छोर तक पहुंचाने के प्रयास, स्वास्थ्य बीमा योजना और ‘माएं धीयां सत्कार योजना’ शामिल हैं.