अजय सैनी, भिवानी. त्याग, समर्पण और अल्लाह के प्रति अटूट विश्वास का पावन पर्व ईद-उल-अजहा (बकरीद) वीरवार को भिवानी शहर सहित पूरे जिले में बेहद खुशी, शांति और आपसी सौहार्द के साथ मनाया गया। सुबह से ही मुस्लिम समुदाय के लोग पारंपरिक परिधानों में सजे-धजे शहर की विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों की तरफ बढ़ते नजर आए। त्योहार को लेकर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में भारी जोश देखा गया।

भिवानी में मुख्य आयोजन स्थानीय ढाणा रोड स्थित ईदगाह में हुआ, जहां हजारों मुसलमानों ने नमाज अताकर अल्लाह से मुल्क मैं अमन चैन और
खुशहाली के लिए दुआ की। मस्जिद कमेटी के प्रधान जोरावर अली ने बताया कि ढाणा रोड स्थित ईदगाह में सुबह 8:30 बजे ईद की नमाज अता की गई। नमाज को मौलाना अबुल रहमान ने मुकम्मल कराया। नमाज के बाद दोनों हाथ उठाकर मुल्क की तरक्की, भाईचारे और शांति के लिए खास तौर पर दुआ की गई। नमाज संपन्न होते ही सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद मुबारक कहा।

प्रधान जोरावर अली ने इस सफल आयोजन के लिए स्थानीय प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि ईद के इस मुबारक मौके पर भिवानी के पुलिस व नागरिक प्रशासन का पूरा सहयोग किया गया । ईदगाह और मस्जिदों के आसपास सुरक्षा और यातायात की बेहद पुख्ता व्यवस्था की गई थी, जिसके लिए हम प्रशासन के शुक्रगुजार हैं। उन्होंने कहा कि ईद-उल-अजहा समाज में खुशियां बांटने और विशेष रूप से गरीबों और बेसहारा लोगों की मदद करने का एक बड़ा अवसर है। यह पव हमे सिखाता है कि अपनी खुशियों में समाज के पिछड़े और जरूरतमंद तबके को कभी नहीं भूलना चाहिए।


कार्यक्रम में मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता बंटी अली ने इस पर्व के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ईद-उल-अजहा को मुख्य रूप से हजरत इब्राहिम की महान कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। हजरत इब्राहिम ने अल्लाह के हुक्म पर अपनी वफादारी और निष्ठा दिखाने के लिए अपने अजीज बेटे इस्माइल की कुर्बानी देने का फैसला कर लिया था। जब वे अपने बेटे को कुर्बान करने के लिए आगे बढ़े, तो खुदा ने उनकी सच्ची निष्ठा को कुबूल करते हुए इस्माइल की जगह एक दुंबे (भेड़) को परिवर्तित कर दिया।

इस्लाम धर्म की मान्यताओं के अनुसार, हजरत इब्राहिम अल्लाह के महान पैगंबर थे और यह पर्व उन्हीं के त्याग व समर्पण को दर्शाता है। इस अवसर पर आमिर खान, आतिफ खान, आरिफ खान और शहजाद, जास्मिन अली, वंसु अली सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे और सभी ने मिलकर त्योहार की खुशियों को साझा किया।