लखनऊ. राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर अखिलेश यादव लगातार भाजपा पर हमलावर हैं. अखिलेश यादव ने एक बार फिर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, भाजपा और उनके संगी-साथी ‘आस्था के साथ विश्वासघात के महापाप और अपराध’ के दोषी हैं! देश की आस्थावान जनता का मानना है कि भाजपा और उनके संगी-साथियों ने ‘श्रद्धा में सेंधमारी’ करते हुए जिस तरह ‘दान-पात्र’ से चढ़ावा-चंदा चोरी की है, गुप्त दान में महा-घपले किये हैं. दान की रसीद दी ही नहीं है या दान के बदले नक़ली रसीद छपवाकर दी है.
इसे भी पढ़ें- स्कूल बंद करने के आरोप पर अखिलेश को संदीप सिंह का जवाब, ‘PDA नहीं, Propaganda Delivery by Akhilesh’
आगे अखिलेश यादव ने कहा, अपने लोगों को कौड़ियों के दाम में अयोध्या की ज़मीनें ख़रीदवाकर, फिर उसे बीसों गुना दाम में करोड़ों में मंदिर को बेचकर ट्रस्ट के ‘धर्म-खाते’ को लूटा है. ज़मीन के सौदे के अशुभ लाभ को आपस में बांटा है. ईमानदार लोगों द्वारा आपत्ति किये जाने पर उन्हें हटाया है. हर जगह अपने भ्रष्ट लोग सेट किये हैं. चोरी की राशि की बरामदगी को दर्ज़ नहीं कराया है. जांच में कुछ भी ‘उल्लेखनीय’ नहीं है, ये कहकर गुमराह किया है.
इसे भी पढ़ें- राजभर का अखिलेश पर हमला, बोले- कुर्मी समाज से आखिर इतनी नाराजगी क्यों?
आगे उन्होंने ये भी कहा कि सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग और अन्य सबूत मिटाए हैं. जिनकी ख़ुद की जांच चल रही है, उनसे जांच करवाई है. बिना किसी की ज़िम्मेदारी तय किये, ट्रस्ट के उच्चस्थ पदाधिकारियों को क्लीन चिट दे दी गई है. मंदिर का धन और बहुमूल्य धातुओं को बोरों में भरकर कहीं और पहुंचाया है. ये अक्षम्य ‘महापाप’ है, इसीलिए ‘लोकधन की लूट’ का मुद्दा लोक-संसद तक पहुंचाना और उठाना, हम सब का धर्म सम्मत कर्तव्य है. जो भाजपा का साथी, वो रामघाती-महापापी.


