शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और नशा मुक्ति के क्षेत्र में योगदान देने वाले 71 शिक्षकों को किया सम्मानित

अजय सैनी, भिवानी। शिक्षक दिवस के अवसर पर युवा जागृति एवं जन कल्याण मिशन ट्रस्ट तथा महात्मा ज्योतिबा फुले धर्मार्थ ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में भिवानी की हनुमान ढाणी स्थित हनुमान जोहड़ी धाम में राज्य स्तरीय डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन शिक्षक अवार्ड समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम महंत चरणदास महाराज के सानिध्य में संपन्न हुआ।

समारोह में भिवानी के विधायक घनश्याम सर्राफ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन शंकर लाल धूपड़ और भाजपा जिला अध्यक्ष वीरेंद्र कौशिक विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण भी किया गया।

71 शिक्षकों को मिला सम्मान

महात्मा ज्योतिबा फुले धर्मार्थ ट्रस्ट के अध्यक्ष रमेश सैनी, महासचिव विजय सिंहमार पर्यावरण प्रहरी और उपाध्यक्ष रिंकू ख्यालीराम ने बताया कि समारोह में शिक्षा के साथ जल एवं पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्ति तथा अन्य सामाजिक जागरूकता अभियानों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 71 शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन को दिशा देने और उनके व्यक्तित्व का निर्माण करने में शिक्षक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। शिक्षक विद्यार्थियों को सपने देखने के लिए प्रेरित करने के साथ उन्हें अपने लक्ष्य को हासिल करने का हौसला भी देते हैं।

डॉ. राधाकृष्णन का जीवन शिक्षा और युवाओं को समर्पित रहा : सर्राफ

समारोह को संबोधित करते हुए विधायक घनश्याम सर्राफ ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन महान दार्शनिक, विद्वान, आदर्श शिक्षक और कुशल राजनेता थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन शिक्षा के विस्तार और देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए समर्पित किया।

उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. राधाकृष्णन के अतुलनीय योगदान के कारण ही उनकी जयंती को देशभर में शिक्षक दिवस के रूप में सम्मानपूर्वक मनाया जाता है।

शिक्षक समाज के सच्चे मार्गदर्शक : शंकर लाल धूपड़

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन शंकर लाल धूपड़ ने कहा कि शिक्षक समाज के सच्चे मार्गदर्शक होते हैं। शिक्षकों की भूमिका केवल बच्चों को किताबी ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे संस्कारवान और शिक्षित समाज की मजबूत नींव तैयार करते हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस पर इस तरह के राज्य स्तरीय सम्मान समारोह शिक्षकों का मनोबल बढ़ाने के साथ युवाओं को अपनी संस्कृति और मूल्यों से जुड़ने की प्रेरणा भी देते हैं। शिक्षा और पर्यावरण को एक साथ जोड़कर कार्यक्रम आयोजित करना समाजहित में सराहनीय और अनुकरणीय पहल है।

पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

समारोह के दौरान पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। आयोजकों ने शिक्षा के साथ जल संरक्षण, पर्यावरण बचाने और नशा मुक्ति के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम में सुखबीर धवन, हरेंद्र पूनिया, सुरेंद्र सिवाड़ा, दिनेश दाधीच, सुनील मुनिया, अंकित सिंहमार, लक्ष्मी सैनी, मास्टर धर्मचंद सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

समारोह में इन शिक्षकों को किया गया सम्मानित

अनिता कौशिक, अनिता रानी, बबीता सैन, भूपेंद्र सिंह, दिवाकर वशिष्ठ, दीवान सिंह, डॉ. अनिता, डॉ. आशा, डॉ. नरेंद्र कुमार, डॉ. राजकुमार मुंढ़ाल, डॉ. प्रमिला चौधरी, हरीश कुमार, इंदु, जय किशन, जितेंद्र शास्त्री, कमला, कपूर सैनी, कविता शर्मा, मनबीर सिंह, मंजू आनंद, मीनाक्षी, मीनू शर्मा, मीनाक्षी वधवा, मोनिक, कल्पना, सारिका, मुकेशी, नरेश कुमार, नीलम रानी, नीरज शर्मा, प्रदीप कुमार, पवन कुमार, पिंकी तंवर, पूजा रानी, पूनम देवी, प्रतिमा दहिया, प्रवेश, प्रियांशु वशिष्ठ, प्रोमिला, राधा शर्मा, राजकुमार, राजेश मित्तल, राकेश कुमार, रीनू, साधना कामरा, समृद्धि शर्मा, संत कुमार, सरिता ग्रेवाल, सतबीर देहरान, सविता शेखावत, सीमा, सिमता, सुमन, सुमन परमार, सुनैना, सुनील श्योराण, सुनीता, सुनीता देवी, सुनीता कुमार, सुरेश, सुशील कुमार, वैशाली और विद्यानंद को सम्मानित किया गया।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m