अजय सैनी, भिवानी. संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर शनिवार को भिवानी में किसानों मजदूरों की मांगों को लेकर सत्ता पक्ष के विधायकों व सांसद के कैंप आफिसों पर प्रदर्शन करके ज्ञापन दिए। इस मौके पर संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य व किसान सभा के जिला प्रधान रामफल देशवाल, उपप्रधान कामरेड ओमप्रकाश, जिला सचिव मास्टर जगरोशन व युवा कल्याण संगठन के संरक्षक कमल सिंह प्रधान ने कहा कि सबसे पहले प्रात: बवानीखेड़ा विधायक कपूर बाल्मीकि को ज्ञापन दिया गया।
उसके बाद किसान महिला बाल विकास एवं सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी के कैंप आफिस पहुंचे तथा वहां उनकी अनुपस्थिति में ज्ञापन उनके पीए दिलबाग नीमड़ी को सौंपा। इसके उपरांत भिवानी के विधायक घनश्याम सर्राफ को उनके कैंप आफिस पर उन्हें ज्ञापन दिया। भिवानी महेंद्रगढ़ सांसद धर्मबीर सिंह के कैंप आफिस पर उनकी अनुपस्थिति में ज्ञापन उनके पीए पंकज कौशिक को दिया गया। उन्होंने बताया कि 9 दिसंबर 2021 को दिल्ली की सीमाओं पर हुए ऐतिहासिक किसान आदोलन के दौरान केंद्र सरकार द्वारा एमएसपी, कर्जमाफी, बिजली निजीकरण और किसानों के विरुद्ध दर्ज मुकदकों की वापसी के संबंध में दिए गए लिखित आश्वासन को लागू ना किए जाने पर उनके सामने आक्रोश व्यक्त किया गया और उपरोक्त मांगों के अलावा अन्य मांगों को हल करवाने की मांग की गई।
अन्य मांगों में अमेरिका व अन्य यूरोपियन देशों के साथ प्रस्तावित व फाइनल हुए फ्री ट्रेड द्विपक्षीय व्यापारिक समझौते रद्द किए जाएं, मजदूरों के चार कोड रद्द करते हुए 29 पुराने कानून बहाल किए जाएं, वर्तमान में लागू मनरेगा स्कीम जी राम जी रद्द करते हुए 2005 में पास कानून पुन: लागू किया जाए। 200 दिन काम व 700 रुपये दिहाड़ी हो। उन्होंने कहा कि एक अध्ययन के अनुसार एमएसपी की सी2+50 प्रतिशत लागू नहीं होने से 2016 से 2025 के बीच 20 प्रमुख फैसलों में किसानों को 27 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
किसानों की मांग है कि 10 हजार रुपये प्रति माह सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जाए, अनुसंधान एवं विकास क्षेत्र के लिए केन्द्रीय बजट का 6 प्रतिशत और शिक्षा के लिए जीडीपी का 6 प्रतिशत आबंटित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी तो संयुक्त किसान मोर्चा व केन्द्रीप ट्रेड यूनियनें मिलकर किसान आंदोलन की 7वीं बरसी पर पुन: 26 नवंबर को दिल्ली की ओर कूच करेंगें और केंद्र सरकार के साथ नीति परिवर्तन हेतु लड़ाई लड़ेंगे।

इस अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चा के मास्टर उमराव सिंह, सुबेदार धनपत ओबरा, अत्तर कस्वा, निर्मल नाथुवास, कर्ण सिंह जैनावास, रणधीर सांगवान, नरेंद्र डाडम, बलबीर सिंह बजाड़, राजेश कुंगड़, रामोतार बलियाली, संतोष देशवाल, प्रताप सिंह सिंहमार, वेद प्रकाश खेड़ी, नरेश शर्मा, राजकुमार दलाल, महेद्र सिंह तंवर, ओमप्रकाश दलाल, सतबीर घुसकानी सहित कई किसान नेता शामिल रहे।
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