भिवानी में सफाई कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल के कारण सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। कर्मचारी अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर अड़े हुए हैं और दमकल कर्मियों ने भी उन्हें समर्थन दिया है।

अजय सैनी, भिवानी। नगर परिषद कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल सातवें दिन में प्रवेश कर चुकी है, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हड़ताल के चलते प्रदेश के अन्य हिस्सों की तरह भिवानी भी गंदगी के ढेर में तब्दील होता नजर आ रहा है। सड़कों और गलियों में कचरा जमा होने के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सफाई कर्मचारियों ने अब अपनी मांगों को लेकर और भी कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है, साथ ही उन्हें अब दमकल कर्मियों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है। गर्मी के बढ़ते प्रकोप के बीच शहर में फैली इस गंदगी ने संक्रामक बीमारियां फैलने का भय पैदा कर दिया है, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी रोष है।

17 सूत्रीय मांगों पर अड़े कर्मचारी

हड़ताल का नेतृत्व कर रहे नगरपालिका सफाई कर्मचारी संघ के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाती, आंदोलन जारी रहेगा। संघ के प्रदेश सचिव पुरुषोत्तम दानव ने सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी 17 सूत्रीय मांगों के प्रति उदासीनता बनी रही, तो भविष्य में इस आंदोलन को और भी उग्र और तेज किया जाएगा। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार उनकी जायज मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है, जिससे मजबूरन उन्हें काम बंद कर सड़कों पर उतरना पड़ा है। शहर में जगह-जगह लगे कूड़े के अंबार सरकार के प्रति कर्मचारियों के इसी गुस्से और प्रशासनिक उदासीनता को बयां कर रहे हैं।

नकारात्मक रवैये के खिलाफ एकजुटता

भिवानी नगरपालिका सफाई कर्मचारी संघ के प्रधान जय हिंद ने संबोधन के दौरान कहा कि सरकार लंबे समय से कर्मचारियों की मांगों को लेकर नकारात्मक रवैया अपनाए हुए है। उन्होंने बताया कि दमकल कर्मियों के समर्थन में आने से अब यह संघर्ष और मजबूत हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि वे शहर को स्वच्छ रखना चाहते हैं, लेकिन सरकार उन्हें हक देने के बजाय केवल आश्वासन दे रही है। फिलहाल, शहरवासी प्रशासन और सरकार की ओर देख रहे हैं कि कब इस गतिरोध का समाधान होगा और शहर को गंदगी व संभावित बीमारियों के खतरे से मुक्ति मिलेगी। यदि जल्द ही कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो स्थिति और भी विस्फोटक हो सकती है।