भोजपुर। जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुई पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत भूषण तिवारी के प्रकरण में नया विवाद सामने आया है। मृतक की मां आशा देवी ने सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार मिल रही धमकियों का आरोप लगाते हुए शाहपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दो लोगों को नामजद आरोपी बनाया है।

​आंदोलन से जुड़े लोगों की नाराजगी और बयानबाजी

​पटना में सत्ताधारी दल के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के बाद परिजनों द्वारा दिए जा रहे बयानों से इस आंदोलन से जुड़े कुछ अन्य लोग नाराज बताए जा रहे हैं। इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच सोशल मीडिया पर बयानबाजी तेज हो गई है, जिसमें परिजनों पर कई संगीन आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने आईटी अधिनियम और बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

​दिग्गज नेताओं से मिल चुका है पीड़ित परिवार

​उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय भरत भूषण तिवारी के परिजन न्याय की गुहार लगाने के लिए पटना पहुंचे थे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, सांसद मनोज तिवारी और विधायक पवन सिंह से मुलाकात की थी।

​फुफेरे भाई के साथ मारपीट

​विवाद उस समय और बढ़ गया जब मृतक के फुफेरे भाई अंशु तिवारी के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। पुलिस का कहना है कि आवेदन के आधार पर निष्पक्ष जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।