रेणु अग्रवाल, धार। मध्यप्रदेश के धार जिले के ऐतिहासिक भोजशाला मामले में मुस्लिम पक्ष के द्वारा हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में तीन याचिकाएं दायर की थी उसमें से एक याचिका स्वीकृत हुई थी। आज सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की है सुप्रीम कोर्ट ने राज्य शासन को निर्देश दिए हैं कि मुस्लिम पक्ष को शुक्रवार को 1:00 से 3:00 तक भोज शाला परिसर के समीप ही खुले स्थान पर नमाज अदा करवाई जाए। वही मूल स्ट्रक्चर से कोई छेड़छाड़ नहीं की जाए, कोई भी नया कंस्ट्रक्शन नहीं किया जाए।

भोजशाला के अंदर नमाज की अनुमति नहीं मिली

जहां एक और मुस्लिम पक्ष को भोजशाला परिसर के समीप खुले मैदान में शुक्रवार को 1:00 से 3:00 बजे तक नमाज की अनुमति सुप्रीम कोर्ट के द्वारा दिए जाने से एक और मुस्लिम पक्ष को राहत भी मिली है वही झटका भी है कि मुस्लिम पक्ष को भोजशाला के अंदर नमाज की अनुमति नहीं मिल पाई है। वहीं हिंदू पक्ष के भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है उन्होंने कहा कि अभी तो यह शुरुआत है जब फैसला आएगा तो यह मंदिर है मंदिर था और मंदिर रहेगा।

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भोजशाला एक मंदिर और यही स्थिति यथावत रहेगी

भोजशाला मुक्ति यज्ञ संयोजक गोपाल शर्मा ने मीडिया से बातचीत में माननीय न्यायालय के फैसले का स्वागत किया।​ उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि हाईकोर्ट ने पहले ही यह निर्णय दे दिया था कि भोजशाला एक मंदिर है और आगे भी इसकी यही स्थिति यथावत रहेगी। उन्होंने जोर देकर कहा, “भोजशाला मंदिर था, मंदिर है और हमेशा मंदिर ही रहेगा।” कोर्ट द्वारा समय के साथ लिए गए निर्णयों का उन्होंने सम्मान किया है

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