शिखिल ब्यौहार, भोपाल। राजधानी भोपाल में स्थित एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद ताजुल मसाजिद में नमाज को लेकर विवाद हो गया। एक बीमारी को लेकर शहर काजी को नापाक बताया गया। शहर काजी को लेकर मुफ्ती ने लिखा फतवा भी जारी किया है। जिसके बाद पहली बार बनी बड़े विवाद की स्थिति बन गई है।
फतवे के बाद राजधानी में ईद की नमाज को लेकर बड़ा संशय खड़ा हो गया है। पोस्टेड बीमारी (यूरिन से संबंधित) के कारण शहर काजी की नमाज को जायज नहीं बताया गया है। फतवे से मुस्लिमों में संशय की स्थिति बन गई है। सवाल उठने लगे हैं कि राजधानी के लाखों मुसलमानों को नमाज कौन पढ़ाएगा ?

फतवा जारी करने पर मुफ्ती के खिलाफ भी मोर्चा खुल गया है। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने अहम बैठक बुलाई है जिसमें तमाम मुस्लिम धर्म गुरु और संगठनों को बुलाया गया है। इस मामले के बाद मुस्लिम समुदाय दो पक्ष में बंट गया है।
मुफ्ती अब्दुल कलाम पर भी लगे कई आरोप लगे हैं। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि शहर काजी की बीमारी और नमाज को लेकर फतवा वायरल हुआ है। मुस्लिम धर्म गुरु और अन्य जानकारों के साथ बैठक होगी। मुफ्ती भी नमाज नहीं पढ़ा सकेंगे।
फतवा जारी करने वाले मुफ्ती के खिलाफ भी वारंट निकल चुका है। उन्होंने कहा कि यह मुस्लिम समाज के लिए अच्छी स्थिति नहीं है। इस्लाम के नियमों को ध्यान में रखकर बैठक में निर्णय किया जाएगा। नमाज पढ़ाने को लेकर संशय बरकार है।

