संजय पाटीदार, भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत किसानों के नाम पर 7.80 करोड़ रुपये के बड़े आर्थिक फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। EOW ने कार्रवाई करते हुए 4 निजी निर्माण फर्मों, उनके संचालकों, पार्टनर्स और बैंक के तत्कालीन अधिकारियों सहित कुल 11 लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है।
ये भी पढ़ें: करंट लगाकर हत्या, फिर नर्मदा में फेंका शव! नरसिंहपुर में युवक के मर्डर का खुलासा, 9 आरोपी गिरफ्तार
33 किसानों के नाम पर बिना पॉलीहाउस बनाए निकाला लोन
EOW की शुरुआती जांच में सामने आया कि 33 किसानों के नाम पर पॉलीहाउस निर्माण के लिए 7.80 करोड़ रुपये से अधिक का लोन स्वीकृत कराया गया था। चौंकाने वाली बात यह है कि धरातल पर एक भी पॉलीहाउस बनाए बिना ही फर्जी कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र तैयार कर लिए गए और निजी कंपनियों ने बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर पूरी राशि ऐंठ ली।
इन कंपनियों और फर्जीवाड़े का हुआ खुलासा:
मैसर्स किसान एग्रो: कंपनी को 20 पॉलीहाउस बनाने का ठेका मिला था लेकिन बिना एक भी पॉलीहाउस बनाए फर्जी कागजातों के आधार पर 20 पॉलीहाउस की राशि निकाल ली गई।
सिरांश टेक्नो: इसे 8 पॉलीहाउस निर्माण का काम मिला था, लेकिन बिना निर्माण कार्य पूरा किए ही जाली दस्तावेजों के आधार पर बैंक से भुगतान ले लिया गया।
एवीआई एग्रीकल्चर: कंपनी को 5 पॉलीहाउस का काम मिला था, जिसमें से 2 पॉलीहाउस बनाए बिना ही पैसा निकाल लिया गया।
ये भी पढ़ें: LNIPE छात्र आंदोलन समाप्त: छात्रा मौत मामले में प्रभारी रजिस्ट्रार का देर रात इस्तीफा, वार्डन पर भी कार्रवाई
जांच में खुली पोल, 11 लोगों पर केस दर्ज
EOW की विस्तृत जांच में सभी 33 मामलों के पॉलीहाउस पूर्ण होने के दस्तावेज पूरी तरह फर्जी पाए गए। इसके बाद EOW ने घोटाले में शामिल चारों निर्माण फर्मों, उनके पार्टनर्स व संचालकों और लोन स्वीकृत करने वाले बैंक के तत्कालीन जिम्मेदार अधिकारियों पर धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m


