संजय पाटीदार, भोपाल। मध्य प्रदेश में आयुर्वेदिक इलाज कराने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। राजधानी के पंडित खुशीलाल आयुर्वेद अस्पताल परिसर में प्रदेश की दूसरी सरकारी आयुर्वेद फार्मेसी तैयार हो रही है। इसका निर्माण अंतिम चरण में है और अगले एक साल में यहां दवाओं का उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। इससे सरकारी अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी और मरीजों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदने की जरूरत कम होगी इससे मरीज को राहत मिलेगी।

ग्वालियर की फार्मेसी में बनती हैं आयुर्वेदिक दवाएं

फिलहाल प्रदेश में सरकारी स्तर पर आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण सिर्फ ग्वालियर की फार्मेसी में होता है। यहां से प्रदेशभर के सरकारी आयुर्वेद अस्पतालों में दवाएं भेजी जाती है। बढ़ती मांग के चलते कई अस्पतालों में जरूरत के मुताबिक दवाएं नहीं पहुंच पाती, जिससे मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदनी पड़ती है।

जरूरी आयुर्वेदिक दवाएं बनाई जाएंगी

भोपाल में दूसरी सरकारी फार्मेसी शुरू होने से दवा उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। शुरुआत में रोजाना इस्तेमाल होने वाली जरूरी आयुर्वेदिक दवाएं बनाई जाएंगी, ताकि अस्पतालों में इनकी कमी न रहे। इसके बाद विशेष और दुर्लभ औषधियों का उत्पादन भी चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।

भोपाल संभाग के आयुर्वेदिक अस्पतालों में दवाओं की सप्लाई तेज होगी

नई फार्मेसी शुरू होने से भोपाल संभाग के आयुर्वेदिक अस्पतालों में दवाओं की सप्लाई तेज होगी। इससे ग्वालियर पर निर्भरता कम होगी और दवा पहुंचने में लगने वाला समय भी घटेगा। जरूरत के मुताबिक भविष्य में प्रदेश के अन्य हिस्सों को भी यहां से दवाएं भेजी जा सकेंगी।

मशीनों की स्थापना के बाद होगा चालू

फार्मेसी में दवाओं के उत्पादन के साथ आयुर्वेदिक शोध से जुड़ी औषधियां भी तैयार की जाएंगी। इससे शोध विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा और गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेदिक दवाओं के विकास को बढ़ावा मिलेगा।पंडित खुशीलाल आयुर्वेद संस्थान के फार्मेसी अधीक्षक डॉ. राजकिशोर पति ने बताया कि फार्मेसी का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। मशीनों की स्थापना के बाद इसे चालू किया जाएगा। 

शोध से जुड़ी औषधियों का भी निर्माण होगा

उन्होंने कहा, यह एक मानक सरकारी आयुर्वेद फार्मेसी होगी। यहां सामान्य उपयोग की आयुर्वेदिक दवाओं के साथ शोध से जुड़ी औषधियों का भी निर्माण होगा। पहले चरण में उन दवाओं का उत्पादन किया जाएगा जिनकी अस्पतालों में सबसे ज्यादा जरूरत रहती है, ताकि मरीजों को इलाज के दौरान दवाओं की कमी का सामना न करना पड़े।

आयुर्वेदिक दवाओं की उपलब्धता बेहतर होगी

उन्होंने कहा, फार्मेसी शुरू होने के बाद भोपाल संभाग में आयुर्वेदिक दवाओं की उपलब्धता काफी बेहतर होगी। अभी दवाओं की आपूर्ति ग्वालियर सहित अन्य स्रोतों से होती है, लेकिन नई इकाई शुरू होने से यह व्यवस्था और मजबूत होगी। हमारा प्रयास है कि अगले एक साल में फार्मेसी पूरी तरह कार्यशील हो जाए।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m