शिखिल ब्योहार, भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में OBC आरक्षण के मुद्दे को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं, जहां एक तरफ सत्ता पक्ष इसे ऐतिहासिक कदम बता रहा है, वहीं विपक्ष ने सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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बीजेपी सांसद दर्शन सिंह चौधरी का बयान

भारतीय जनता पार्टी के सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने बयान देते हुए कहा है कि बीजेपी का साफ मानना है कि जिसकी जितनी हिस्सेदारी, उसकी उतनी भागीदारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब राज्य में निर्णायक स्थिति में हमारी सरकार है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पुरानी समस्याएं कांग्रेस के कारण ही पैदा हुई हैं। कांग्रेस ने ऐतिहासिक रूप से केलकर आयोग और मंडल आयोग का विरोध किया था, लेकिन अब OBC वर्ग को उनका वास्तविक अधिकार बीजेपी सरकार में ही मिलेगा।

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कांग्रेस का पलटवार ‘नियत में खोट, चुनाव तक नहीं होगा पूरा’

दूसरी ओर, कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता जितेंद्र मिश्रा ने पलटवार करते हुए कहा है कि बीजेपी की नीयत बिल्कुल ठीक नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार ने इस मामले में मजबूत वकीलों की फौज क्यों नहीं खड़ी की? कांग्रेस का आरोप है कि यदि कमलनाथ की सरकार होती तो ओबीसी के अधिकारों को पूरी सुरक्षा मिलती। कांग्रेस ने दावा किया कि आरक्षण के संबंध में जो सही फैसले होने थे, उन पर पहले ही कांग्रेस सरकार की मुहर लग चुकी है, यही वजह है कि बीजेपी इस समस्या का वास्तविक निराकरण नहीं चाहती। कांग्रेस ने यह भी कहा कि नया कानून लाने की बात केवल एक छलावा है और चुनाव तक यह पूरा नहीं होने वाला है।

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