संजय पाटीदार, भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े दावे कर रही है लेकिन राजधानी भोपाल का प्रमुख पर्यटन स्थल सैर सपाटा खुद बदहाली का शिकार हो चुका है। भदभदा चौराहे के पास बड़ी झील के किनारे लगभग 24 एकड़ में फैला यह खूबसूरत पिकनिक स्पॉट सही रखरखाव और मेंटनेंस के अभाव में अपनी चमक खोता जा रहा है।
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टिकट पूरा, सुविधाएं आधी-अधूरी
सैर सपाटा में प्रवेश के लिए पूरा शुल्क वसूला जा रहा है, लेकिन अंदर पहुंचते ही पर्यटकों को निराशा हाथ लगती है। किड ज़ोन, फूड कोर्ट, म्यूजिकल फाउंटेन और टॉय ट्रेन जैसी प्रमुख सुविधाएं या तो बंद पड़ी हैं या बदहाल हैं।

होटल और बार पर लगे ताले, पर्यटकों का मोहभंग
परिसर में स्थित होटल और बार लंबे समय से पूरी तरह बंद पड़े हैं। वर्तमान में केवल कुछ निजी दुकानें ही संचालित हो रही हैं। नियमित रखरखाव और समय पर मरम्मत न होने के कारण पर्यटकों का अनुभव खराब हो रहा है, जिससे यहां आने वाले लोगों की संख्या में भारी गिरावट आई है।

निगम पर बढ़ा आर्थिक बोझ
सैलानियों की संख्या घटने से मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम की कमाई को भारी चपत लगी है। स्थिति यह बन चुकी है कि यहां तैनात कर्मचारियों का वेतन निकालना भी मुश्किल हो रहा है, जिससे निगम पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ रहा है।

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2011 में हुआ था भव्य लोकार्पण
27 मई 2008 को भूमि पूजन के बाद मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम ने 29 सितंबर 2011 को सैर सपाटा का लोकार्पण किया था। 183 मीटर लंबा खूबसूरत सस्पेंशन ब्रिज यहां का मुख्य आकर्षण है। लेकिन अब सवाल यह उठता है कि करोड़ों की लागत से बने इस प्रमुख पर्यटन स्थल को बर्बादी से बचाने के लिए जिम्मेदार विभाग नींद से कब जागेगा?

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