भुवनेश्वर: ओडिशा के केन्दुझर ज़िले में विश्व हिंदू परिषद ने 12 घंटे का बंद बुलाया. बंद के कारण सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। यह बंद सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक चला, जिसके दौरान बाज़ारों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और शिक्षण संस्थानों में व्यापक बंदी रही और जिले में वाहनों की आवाजाही लगभग पूरी तरह ठप रही। प्रशासन ने संभावित तनाव को देखते हुए सुरक्षा भी कड़ी कर दी थी ।
दिव्यांग जनजातीय बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म
यह विरोध प्रदर्शन केन्दुझर ज़िले में एक 9 वर्षीय दिव्यांग जनजातीय बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म की घटना के बाद सामने आया जिसने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश उत्पन्न किया। पुलिस ने मामले में आरोपी आसिफ अनवर खान को गिरफ्तार कर लिया है। इसी घटना के विरोध और कथित घुसपैठियों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की मांग करते हुए वीएचपी ने ज़िले में 12 घंटे का बंद बुलाया।

बंद का व्यापक असर यहाँ
बंद का व्यापक असर केन्दुझर, चंपुआ, जोड़ा, बडबिल, पाटना, घसीपुरा और आनंदपुर जैसे प्रमुख शहरी इलाकों में देखा गया, जहां दुकानें, बाज़ार और निजी संस्थान पूरे दिन बंद रहे। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अधिकतर निजी और व्यावसायिक वाहन सड़कों से गायब रहे, जिसके चलते आम यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
सुबह से ही वीएचपी कार्यकर्ता महत्वपूर्ण चौक-चौराहों, बाज़ारों और बस स्टैंडों पर पिकेटिंग करते नज़र आए। वे दुकानदारों और स्थानीय लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से बंद का समर्थन करने की अपील कर रहे थे। सार्वजनिक परिवहन लगभग ठप रहने से कई यात्री रास्ते में फंस गए और उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। वीएचपी का कहना है कि बंद का उद्देश्य सरकार का ध्यान ज़िले में बढ़ती ‘बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठ’ की ओर आकर्षित करना है, जिन्हें संगठन सामाजिक सद्भाव और आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बता रहा है।
संदिग्ध घुसपैठियों की तत्काल पहचान कर उन्हें बेदखल किया जाए
वीएचपी के केन्दुझर जिला अध्यक्ष तुषारकांत सामंत ने कहा कि हम राज्य सरकार से मांग करते हैं कि ज़िले में रहने वाले संदिग्ध घुसपैठियों की तत्काल पहचान कर उन्हें बेदखल किया जाए। उनकी बढ़ती संख्या से स्थानीय लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन घुसपैठियों द्वारा महिलाओं के उत्पीड़न की घटनाएँ भी बढ़ी हैं और चेतावनी दी कि मांगें न माने जाने पर आंदोलन और तेज़ किया जाएगा। संभावित तनाव को देखते हुए ज़िला प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। प्रमुख चौकों, सरकारी कार्यालयों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाई गई ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
वीएचपी ने हाल ही में ज़िले में एक लडकी पर हुए बर्बर हमले का हवाला देते हुए अपना आंदोलन तेज़ किया है। पीड़िता ज़िला मुख्यालय अस्पताल में जीवन के लिए संघर्ष कर रही है। संगठन ने केन्दुझर ज़िला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि संदिग्ध घुसपैठियों द्वारा बलात्कार, हत्या, भूमि कब्जा और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसी गंभीर आपराधिक गतिविधियाँ बढ़ रही हैं।
ज्ञापन में हाल ही में घटी कई घटनाओं का भी उल्लेख किया गया, जिनमें जिला मुख्यालय स्थित बराल लॉज लेन में एक युवती की गला रेतकर हत्या और चंपुआ में एक जनजातीय लड़की के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म का मामला शामिल है। वीएचपी ने आरोप लगाया कि इन मामलों में गिरफ्तार आरोपी ज़मानत मिलने के बाद फिर से आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गए। इसके साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि संदिग्ध घुसपैठिए स्थानीय युवाओं को ब्राउन शुगर सहित अन्य नशीले पदार्थों की लत में फंसा रहे हैं और सरकारी भूमि पर अवैध कब्ज़ा कर रहे हैं।
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