अंबाला। हरियाणा में संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसटीएफ अंबाला यूनिट को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने रूस में छिपे कुख्यात गैंगस्टर सचिन की पत्नी और गैंग की सक्रिय सदस्य ममता रानी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में खुलासा हुआ है कि ममता गैंग की आर्थिक गतिविधियों और लॉजिस्टिक सपोर्ट की पूरी जिम्मेदारी संभाल रही थी।

डीएसपी अमन ने बताया कि 15 मार्च को यमुनानगर के थाना छप्पर में संगठित अपराध की धारा 111 और आर्म्स अमेंडमेंट एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। कार्रवाई के दौरान गैंग से जुड़े कई आरोपियों को भारी मात्रा में अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया था।

पूछताछ में सामने आया कि गैंग यमुनानगर के एक कार सेल-परचेज कारोबारी की हत्या की साजिश रच रहा था। जांच की कड़ियां जोड़ते हुए एसटीएफ करनाल के गांव धनौरा निवासी ममता रानी तक पहुंची, जिसकी भूमिका गैंग के संचालन में बेहद महत्वपूर्ण पाई गई।

रूस से गैंग चला रहा था पति, भारत में फंडिंग संभाल रही थी पत्नी

जांच एजेंसियों के अनुसार, गैंगस्टर सचिन लंबे समय से रूस में छिपकर अपने शूटरों और गुर्गों को निर्देश दे रहा था। वहीं भारत में रंगदारी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से मिलने वाले धन का प्रबंधन ममता रानी कर रही थी। इतना ही नहीं, गैंग को जरूरी संसाधन और लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी उसी के पास थी।

मामला दर्ज होने के बाद ममता रानी भी कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए विदेश भाग गई थी, लेकिन एसटीएफ ने तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया।

अब खुलेंगे गैंग के कई राज

एसटीएफ की पूछताछ में गैंग के आर्थिक नेटवर्क, सहयोगियों और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं।