कानपुर स्थित पुराने गंगा पुल की उम्र बढ़ाने और 28 बेयरing बदलने के लिए एनएचएआई ने जिला प्रशासन से इसे 90 दिनों तक बंद रखने की अनुमति मांगी है। हालांकि, प्रतिदिन दो लाख से अधिक वाहनों की आवाजाही को देखते हुए कानपुर, उन्नाव और फतेहपुर प्रशासन के बीच ट्रैफिक डायवर्जन योजना पर अभी सहमति नहीं बन सकी है।

कानपुर। जाजमऊ स्थित पुराने गंगा पुल की संरचनात्मक मजबूती और उम्र बढ़ाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने विस्तृत मरम्मत योजना तैयार की है। इस कार्य को अंजाम देने के लिए एनएचएआई ने जिला प्रशासन से पुल को 90 दिनों तक पूरी तरह बंद रखने की इजाजत मांगी है। हालांकि, कानपुर, उन्नाव और फतेहपुर के प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस के बीच ट्रैफिक डायवर्जन योजना पर सहमति न बन पाने के कारण कार्य शुरू होने की अंतिम तारीख तय नहीं हो सकी है।

6 करोड़ की लागत से बदलेगी 28 बेयरिंग

एनएचएआई द्वारा एलीवेटेड रोड और पुराने गंगा पुल के जीर्णोद्धार पर लगभग 6 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) की तकनीकी जांच रिपोर्ट के सुझाव पर 700 मीटर लंबे इस पुल के ऊपरी हिस्से की मरम्मत और 28 बेयरिंग बदलने का काम होना है।

निचले हिस्से में ग्राउटिंग, कोटिंग और एंटी-कोरोजन पेंट का कार्य पहले ही संपन्न हो चुका है। अब हाइड्रोलिक जैक की मदद से गर्डर उठाकर पुरानी बेयरिंग हटाई जाएंगी और माइक्रो कंक्रीट से मरम्मत के बाद करीब 28 दिनों तक तराई (क्योरिंग) की जाएगी।

डायवर्जन प्लान में फंसा पेच

जाजमऊ गंगा पुल से हर दिन 2 लाख से अधिक छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। एनएचएआई के प्रस्ताव के अनुसार लखनऊ से कानपुर आने वाले भारी वाहनों को उन्नाव से फतेहपुर के रास्ते मोड़ने की योजना है।

लेकिन सरैया क्रॉसिंग का रेलवे ओवरब्रिज अधूरा होने और बक्सर व गेगासो गंगा पुलों पर भारी वाहनों का प्रवेश पहले से बंद होने के कारण लंबा जाम लगने की आशंका बनी हुई है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक पंकज यादव ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और मरम्मत के लिए ट्रैफिक डायवर्जन बेहद जरूरी है।