ODISHA DESK, भुवनेश्वर: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर वन्यजीव संरक्षण के एक बड़े कार्यक्रम की मेजबानी के लिए तैयार है। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा तेंदुए (Leopard) के संरक्षण और जैव विविधता पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर इस कार्यक्रम के माध्यम से भारत की वन्यजीव सुरक्षा रणनीति का प्रदर्शन किया जाएगा।
घनी आबादी वाले क्षेत्रों में तेंदुए और मनुष्यों के सह-अस्तित्व और सुरक्षा के प्रयासों पर मुख्य रूप से ध्यान दिया जाएगा। संघर्ष-संभावित क्षेत्रों में तेंदुओं की निगरानी के लिए अत्याधुनिक तकनीक और मॉनिटरिंग प्रणालियों पर चर्चा होगी। वन्यजीवों के बचाव, पुनर्वास बुनियादी ढांचे और जागरूकता के क्षेत्र में ओडिशा के कदमों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर गठित संस्था के माध्यम से वैश्विक सहयोग बढ़ाना इस कार्यक्रम का एक मुख्य उद्देश्य है।
भारत के विभिन्न शहरों में अलग-अलग ‘बिग कैट’ प्रजातियों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। भुवनेश्वर (ओडिशा) तेंदुआ (Leopard), गिर (गुजरात) शेर (Lion), चंद्रपुर (महाराष्ट्र) रॉयल बंगाल टाइगर (Tiger), गंगटोक (सिक्किम) हिम तेंदुआ (Snow Leopard) और भोपाल (मध्य प्रदेश) चीता (Cheetah)।
इस सम्मेलन में भारत की “मानवता प्रथम” (Humanity-first) नीति और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में ‘ग्लोबल साउथ’ (Global Majority) के प्रतिनिधित्व पर भी मंथन होगा। यह आयोजन वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरणविदों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
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