चुनाव प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है. वोटिंग में पारदर्शिता और निष्पक्षता को बढ़ावा देने के लिए नया तरीका अपनाया जाएगा, जिससे उम्मीदवारों को दिए गए वोट तुरंत सार्वजनिक हो जाएंगे. अब कोई भी सीक्रेट वोटिंग नहीं होगी, और यह बदलाव चुनाव प्रक्रिया को और भी भरोसेमंद बनाएगा. जानिए, क्या है यह नया तरीका और कैसे यह आगामी चुनाव की तस्वीर को बदलने वाला है.
चंडीगढ़. अगले साल होने वाले मेयर चुनाव की मतदान प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव किया जा सकता है. बताया जा रहा है कि अगर इस प्रक्रिया को मंजूरी मिल जाती है, तो अब यह तुरंत पता चल जाएगा कि पार्षद ने किस उम्मीदवार को वोट देकर जीतने की कोशिश की है. इसके साथ ही, यदि इस प्रक्रिया के तहत वोटिंग होती है, तो यह पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शिता को दर्शाने वाली होगी.
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खबर है कि आने वाले साल से महापौर के चुनाव की प्रक्रिया में बदलाव लाने पर विचार किया जा रहा है. प्रक्रिया बदलने का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है. जल्द ही यह ड्राफ्ट मंजूरी के लिए प्रशासक गुलाबचंद कटारिया को भेजा जाएगा. डीसी ऑफिस की ओर से यह ड्राफ्ट प्रशासक के निर्देश पर ही तैयार किया गया है.
अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो पार्षद चुनाव में अपना वोट उम्मीदवार को हाथ खड़ा करके देंगे. इससे मेयर चुनाव में क्रॉस वोटिंग और वोट खराब होने पर भी रोक लग जाएगी. इस समय नगर निगम के पार्षद सीक्रेट बैलट पेपर पर मतदान करते हैं. असल में, प्रशासक चुनाव को पूरी तरह से पारदर्शिता के पक्ष में हैं.

