बराड़ा के अधोया में पेट्रोल पंप के पास स्थित जंगल में भीषण आग लग गई। सेना और दमकल विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाकर किसी बड़े हादसे को टाल दिया।
अनिल शर्मा ,अंबाला। बराड़ा के गांव अधोया में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। शहीद उधम सिंह चौक के पास स्थित सफेदे के जंगल में अचानक भीषण आग लग गई। आग की ऊंची लपटें देख आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया, क्योंकि पास में ही एक पेट्रोल पंप भी मौजूद था। आग की सूचना मिलते ही गांव के सरपंच प्रतिनिधि कैलाश नंबरदार ने दमकल विभाग को सूचित किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना को भी अलर्ट किया गया। आग इतनी भयंकर थी कि उसे बुझाने में करीब पांच घंटे का समय लगा। गनीमत रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हुई, हालांकि बड़ी मात्रा में लकड़ियाँ जलकर राख हो गईं।
सेना और दमकल की बड़ी मशक्कत
आग की सूचना पाते ही बराड़ा से दमकल विभाग की गाड़ी तुरंत मौके पर पहुंची। चूंकि यह जंगल सेना की जमीन पर स्थित था, इसलिए अम्बाला से सेना के अधिकारी और जवान भी अग्निशमन वाहन के साथ वहां पहुंचे। सफेदे के पेड़ों के घने होने और चारों तरफ से तारबंदी होने के कारण दमकल विभाग की गाड़ियों को अंदर जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बचाव दल को रोड की तरफ बने गेट को तोड़ना पड़ा, ताकि गाड़ियां आग के केंद्र तक पहुंच सकें। सरपंच प्रतिनिधि कैलाश नंबरदार, ब्लॉक समिति सदस्य जसबीर सिंह, पंच धर्मवीर और सेना के जवानों ने रात के अंधेरे में आग पर काबू पाने के लिए करीब पांच घंटे तक कड़ी मशक्कत की।

लाखों का नुकसान होने की आशंका
रात करीब साढ़े 12 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। इस घटना में जंगल में गिरे सूखे सफेदे के पेड़ और अन्य वनस्पति जलकर नष्ट हो गए। अनुमान के अनुसार, इस आगजनी में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि, समय रहते आग को पेट्रोल पंप की ओर बढ़ने से रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। सरपंच प्रतिनिधि कैलाश नंबरदार ने पूरी रात सक्रिय रहकर स्थानीय निवासियों और सेना के साथ मिलकर स्थिति को संभाला। प्रशासन ने अब आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

