पटना। देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्मश्री से इस बार बिहार की तीन बड़ी हस्तियों को सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भोजपुरी लोक संगीत, लोक नृत्य और कृषि विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों या उनके परिजनों को यह सम्मान प्रदान किया। सम्मान पाने वालों में लोक नृत्य गुरु विश्वबंधु, भोजपुरी लोक संगीत के वरिष्ठ कलाकार भरत सिंह भारती और कृषि वैज्ञानिक डॉ. गोपाल जी त्रिवेदी शामिल हैं। इनमें विश्वबंधु और डॉ. त्रिवेदी को मरणोपरांत पद्मश्री से नवाजा गया।
अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने में अहम भूमिका
लोक नृत्य गुरु विश्वबंधु ने बिहार की लोक संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने अपना पूरा जीवन भारतीय लोक नृत्य और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण को समर्पित कर दिया। उन्होंने सुरांगन संस्था की स्थापना कर हजारों युवाओं को नृत्य का प्रशिक्षण दिया। उनकी प्रस्तुतियों में भारतीय लोकजीवन, परंपरा और आधुनिक सोच का अनूठा समन्वय देखने को मिलता था। उन्होंने देश-विदेश में छह हजार से अधिक मंचों पर प्रस्तुति देकर बिहार की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई दी। वर्ष 2015 में उनका निधन हो गया था।
भोजपुरी लोक संगीत की दुनिया का बड़ा नाम
वहीं, भरत सिंह भारती भोजपुरी लोक संगीत की दुनिया का बड़ा नाम माने जाते हैं। उन्होंने भोजपुरी लोकगीत, कजरी, भजन, होली गीत और देवी गीतों को नई पहचान दिलाई। आकाशवाणी पटना और दूरदर्शन के माध्यम से उनकी आवाज घर-घर तक पहुंची। वे हारमोनियम, तबला, ढोलक और बांसुरी जैसे कई वाद्य यंत्रों के कुशल कलाकार भी रहे हैं। संगीत शिक्षा के क्षेत्र में भी उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया और हजारों विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया।
कई महत्वपूर्ण कार्य किए
कृषि वैज्ञानिक डॉ. गोपाल जी त्रिवेदी ने किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए। वे राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के कुलपति भी रह चुके थे। उन्होंने त्रिवेदी स्केल विकसित किया, जिसे ग्रामीण आर्थिक स्थिति मापने के लिए व्यापक पहचान मिली। मछली आधारित खेती, लीची उत्पादन और नई कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। 12 मई 2026 को उनका निधन हो गया। बिहार की इन तीनों हस्तियों को मिला पद्मश्री सम्मान राज्य के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।

